यह भजन हनुमत की पूंछ ने कमाल कियो रे भजन श्री हनुमान जी की अपार शक्ति और भक्ति की अद्भुत महिमा को दर्शाता है। जब रावण ने अपनी शक्ति के मद में आकर हनुमान जी की पूंछ में आग लगवाई, तब उन्होंने उसी आग से लंका को जलाकर राक्षसों के अभिमान को भस्म कर दिया। यह भजन हनुमान जी की वीरता, धैर्य और श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति का प्रतीक है।
Hanumat Ki Punchh ne Kamal Kiyo Re Bhajan Lyrics
हनुमत की पूंछ ने, कमाल कियो रे,
बड़ी बड़ी पूछ वालों को, बेहाल किया रे,
बड़ी बड़ी पूछ वालों को, बेहाल किया रे।।
जिस मन राम नाम नहीं भावे,
ताकि पूछ ये पूछ मिटावे,
उसे लंका की अग्नि में, डाल दियो रे,
बड़ी बड़ी पूछ वालों को, बेहाल किया रे।।
हनुमत जिसके बने सहाई,
ताकि पूछ करे रघुराई,
भव सिंधु से उसको भी, तार दियो रे,
बड़ी बड़ी पूछ वालों को, बेहाल किया रे।।
हनुमत की पूंछ ने, कमाल कियो रे,
बड़ी बड़ी पूछ वालों को, बेहाल किया रे,
बड़ी बड़ी पूछ वालों को, बेहाल किया रे।।
यह भजन Hanumat Ki Punchh ne Kamal Kiyo Re Bhajan Lyrics हमें सिखाता है कि अहंकार और अन्याय का अंत निश्चित है, और सच्ची भक्ति से हर संकट का समाधान संभव है। जब भक्त श्रीराम और बजरंगबली का नाम लेता है, तो जीवन के सभी दुख और बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं। जय श्रीराम! जय हनुमान! ????????