टाबरिया बैठा है जो, देणो है सो बाँट दे भजन श्री हनुमान जी की कृपा और उनकी उदारता का वर्णन करता है। यह भजन इस भावना को दर्शाता है कि जो भी भक्त हनुमान जी की शरण में आता है, वह खाली हाथ नहीं लौटता। संकटमोचन हनुमान जी अपने भक्तों को न सिर्फ संकटों से उबारते हैं, बल्कि उनकी झोली कृपा, सुख, शांति और समृद्धि से भर देते हैं। यह भजन हमें उनकी असीम दया और भक्तों के प्रति उनके प्रेम का एहसास कराता है।
Tabariya Baitha Hai jo Deno hai so bant De Hanuman Ji
टाबरिया बैठा है,
जो देणो है सो बाँट दे।।
दूर दूर से दौड़ दौड़ के।
द्वार तुम्हारे आए,
ये सब बालक तेरे बाबा।
कोई नहीं पराए,
बोले जय जयकार रात दिन।
तेरा ही गुण गाए,
बात बात में खर्चो लागे।
मांगण ने कित जावे,
हाँ मांगण ने कित जावे।
टाबरिया बैठ्या है,
कड़की को फंदो काट दे।
टाबरिया बैठ्या है,
जो देणो है सो बाँट दे।।
दीनानाथ दया का सागर।
जाणे दुनिया सारी,
साँची कहणो पाप नहीं है।
सुणलो बात हमारी,
मैं हाँ पक्का ग्रहस्ती बाबा।
ना कोई श्यामि मोड़ा,
खाली झोली भरे बिना म्हे।
आज तने नहीं छोड़ा,
हाँ आज तने नहीं छोड़ा।
टाबरिया बैठ्या है,
तू हंस के दे या डांट दे।
टाबरिया बैठ्या है,
जो देणो है सो बाँट दे।।
विनती करके हार गया सब।
बजा बजा के ताली,
अर्जी सुणल्यो बालाजी।
म्हारी जेब पड़ी है खाली,
बलशाली तू दानी कुहावे।
थारे क्या को घाटों,
भर्या खजाना खोल बिहारी।
चाहे जितना बांटों,
टाबरिया बैठ्या है।
जीवन में आनंद डाल दे,
टाबरिया बैठ्या है,
जो देणो है सो बाँट दे।।
टाबरिया बैठा है,
जो देणो है सो बाँट दे।।
हनुमान जी सच्चे भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। टाबरिया बैठा है जो, देणो है सो बाँट दे भजन यह संदेश देता है कि जो भी प्रेम और श्रद्धा से हनुमान जी की अराधना करता है, उसे वे कभी निराश नहीं करते। उनकी कृपा से हर दुख-दर्द दूर हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
इस भजन के माध्यम से हम यह प्रार्थना करते हैं कि श्री हनुमान जी अपनी कृपा हम सभी पर बनाए रखें। वे हमें सच्ची भक्ति, साहस और सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। उनकी भक्ति में लीन रहकर हम अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं। जय श्री हनुमान!