Recently, I got scammed by this scam casino. At first, everything looked legitimate but once I deposited a larger amount and tried to withdraw my winnings i got scammed.

सोना चांदी हिरे मोती रंगले बंगले महल चौबारे भजन लिरिक्स

इस भौतिक संसार में चाहे सोना-चांदी, हीरे-मोती, रंग-बिरंगे बंगले और आलीशान महल क्यों न हों, भक्त के लिए सबसे बड़ा खज़ाना माँ का आशीर्वाद होता है। सोना चांदी हिरे मोती रंगले बंगले महल चौबारे भजन इसी गहरी भावना को प्रकट करता है कि सांसारिक वैभव से बढ़कर माँ की भक्ति है। जब भक्त का मन माँ के चरणों में रम जाता है, तो वह दुनिया के हर सुख से ऊपर उठ जाता है।

Sona Chandi Heere Moti Rangle Bangle Mahal Chaubare

दोहा –
क्यों मैं हाथ जोड़ूँ,
इनसां के सामने,
माँगा है मांगता हूँ,
मांगूगा माँ के सामने।

सोना चांदी हिरे मोती,
रंगले बंगले महल चौबारे,
ये तो चाहे माँ हर कोई,
मेरे नहीं काम के सारे,
बैठे धुनि रमाए हम जोगी दर पे,
ओ मैया हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे,
ओ दाती हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे।।

छोड़ के सब दुनिया के झंझट,
दर पे अलख जगाई तेरे,
तू दाता तू भाग्य विधाता,
आस तुम्ही पे लगाई,
मांगे किसलिए जाके हर दर दर पे,
ओ मैया हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे,
ओ दाती हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे।।

दोहा –
होंठों पे जिसके कभी,
बददुआ नहीं होती,
बस एक माँ ही है जो,
कभी खफा नहीं होती।

नाम तेरे की बैठ नाव में,
पापी पार उतर गए,
सर तेरी चौखट पे रखा,
बिगड़े भाग्य संवर गए,
डाली दृष्टि दया की माता तूने हर पे,
ओ मैया हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे,
ओ दाती हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे।।

थक गए दुःख सहते सहते,
दुःख आते नहीं थकते,
तकलीफों की घडी के कांटे,
आगे नहीं सरकते,
मैया देख मेरा हाल आके मेरे घर में,
ओ मैया हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे,
ओ दाती हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे।।

‘लख्खा’ की झोली में भी माँ,
सुख के दो पल डालो,
है तक़दीर का मारा कवळा,
‘सरल’ इसे अपना लो,
सुन भावना माँ जाना नहीं लयस्वर पे,
ओ मैया हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे,
ओ दाती हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे।।

सोना चांदी हिरे मोती,
रंगले बंगले महल चौबारे,
ये तो चाहे माँ हर कोई,
मेरे नहीं काम के सारे,
बैठे धुनि रमाए हम जोगी दर पे,
ओ मैया हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे,
ओ दाती हाथ दया का,
धर दे मेरे सर पे।।

Singer – Lakhbir Singh Lakkha Ji

माँ की कृपा जिस भक्त पर बरसती है, वह सच्चे अर्थों में सबसे धनी होता है। सांसारिक सुख-संपत्ति क्षणिक है, लेकिन माँ की भक्ति अनंत आनंद देती है। यदि आप भी माँ की भक्ति में डूबकर सच्ची समृद्धि पाना चाहते हैं, तो [“जाना है मुझे माँ के दर पे सुनो बाग के माली”](भजन का लिंक) भजन भी अवश्य सुनें। माँ अम्बे की जय! ????????

Leave a comment