युग राम राज का आ गया भजन में रामराज्य की वापसी की दिव्य घोषणा की गई है। यह भजन उस समय की कल्पना करता है जब श्रीराम का राज्य स्थापित हुआ और उनके शासन में सत्य, न्याय और धर्म का बोलबाला था। इस भजन के जरिए भक्तों को यह अहसास होता है कि जब रामराज्य की पुनरावृत्ति होगी, तो समाज में समरसता, शांति और सुख-शांति का वातावरण होगा। यह भजन हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने जीवन में रामराज्य की समानता और सद्गुणों को अपनाएं।
Yug Ram Raj Ka Aa Gaya
युग राम राज का आ गया,
अयोध्या आये मेरे प्यारे राम,
बोलो जय जय श्री राम,
म्हारी आखों के तारे है प्रभु राम,
बोलो जय जय श्री राम।1।
युग राम राज का आ गया,
शुभ दिन ये आज का आ गया,
हुई जीत सनातन धर्म की,
घर घर भगवा लहरा गया,
जागा है अवध का भाग जी,
गूंजा है विजय का राग जी,
योगी संतो की अखियों से,
छलका है प्रेम अनुराग जी,
सज धज के लागे सबसे न्यारे राम,
बोलो जय जय श्री राम,
म्हारी आखों के तारे है प्रभु राम,
बोलो जय जय श्री राम।2।
रघुनन्दन का राज तिलक है,
राज-सिंहासन राम का हक है,
राम का होगा राज जगत में,
प्रश्न ना कोई ना कोई शक है,
राम के पथ में सबकी पलक है,
जीत ये सबके लिए ही सबक है,
जय श्री राम के नाम का नारा,
देता सुनाई अम्बर तक है,
किसी भी युग में ना हारे मेरे प्यारे राम,
बोलो जय जय श्री राम,
म्हारी आखों के तारे है प्रभु राम,
बोलो जय जय श्री राम।3।
सरयू के धारे नाच रहे,
दोनों किनारे नाच रहे,
दसों दिशाएँ झूम रही,
यहाँ चाँद सितारे नाच रहे,
नाच रहे मन भक्तों के यहाँ,
साधु सारे नाच रहे,
राम की धुन में होके मगन सब,
राम दुलारे नाच रहे,
नाच रहे पर्वत पे शंकर,
देवी देवता नाच रहे,
अयोध्या आए मेरे प्यारे राम,
बोलो जय जय श्री राम,
म्हारी आखों के तारे है प्रभु राम,
बोलो जय जय श्री राम।4।
दोहा – बाजे मंजीरे और मृदंग,
हवा में उड़े केसरिया रंग,
लौट आए है रघुवंशी,
सिया लखन हनुमत के संग।
युग राम राज का आ गया भजन में श्रीराम के रामराज्य के आगमन का महत्त्वपूर्ण संदेशन है, जो कि हमें उनके अन्य भजनों राम राज आ गया और श्री राम राज अब आया है के समान रूप से जीवन में उनके आदर्शों को स्थापित करने की प्रेरणा देता है। रामराज्य के आने से समाज में न्याय, समानता और सुख-शांति का साम्राज्य होगा। जैसे रामराज्य की तरह हम भी अपने जीवन में राम के आशीर्वाद से समृद्धि, प्रेम और शांति पा सकते हैं। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile