रंगीले रामलाला की बधाई हो बधाई हो एक दिल छूने वाला भजन है, जो श्रीराम के रंगीन और दिव्य रूप की पूजा में समर्पित है। इस भजन में श्रीराम के जीवन के सुखमय और रंगीन पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है, जिसमें उनके रगीन और रचनात्मक रूप का जश्न मनाया जाता है। यह भजन रामलला के प्रेम और भक्ति में रंगीनी लाने का एक सुंदर तरीका है। इसे गाने और सुनने से हम सभी रामलला की महिमा में रंगीन रूप से डूब जाते हैं।
Rangile Ramlala Ki Badhai Ho Badhai Ho
रंगीले रामलाला की,
बधाई हो बधाई हो,
बधाई हो बधाई हो,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।1।
सुहानी चैत्र की नवमी,
सुखद मधुमास है आया,
सुहानी चैत्र की नवमी,
सुखद मधुमास है आया,
सुखद मधुमास है आया,
छबीले रामलाला की,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।2।
गजब की सांवरी सूरत,
लजाती कोटि कामों को,
गजब की सांवरी सूरत,
लजाती कोटि कामों को,
लजाती कोटि कामों को,
रसीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।3।
मुदित है आज कौशल्या,
अवध सुख सिंधु सागर में,
मुदित है आज कौशल्या,
अवध सुख सिंधु सागर में,
अवध सुख सिंधु सागर में,
सुशीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।4।
सुमन सुर बृन्द है बरसे,
नृपति दशरथ ह्रदय हरषे,
सुमन सुर बृन्द है बरसे,
नृपति दशरथ ह्रदय हरषे,
नृपति दशरथ ह्रदय हरषे,
लुभीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।5।
लुटावे मोतियाँ राजा,
कनक मणि धेनु सब रानी,
लुटावे मोतियाँ राजा,
कनक मणि धेनु सब रानी,
कनक मणि धेनु सब रानी,
अलबेले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।6।
मुदित मन नाचते मुनिवर,
बधाई गा रहे गिरधर,
मुदित मन नाचते मुनिवर,
बधाई गा रहे गिरधर,
बधाई गा रहे गिरधर,
लाड़ले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।7।
रंगीले रामलाला की,
बधाई हो बधाई हो,
बधाई हो बधाई हो,
बधाई हो बधाई हो,
रंगीले राम लाला की,
बधाई हो बधाई हो।8।
रंगीले रामलाला की बधाई हो बधाई हो भजन में श्रीराम के रंगीन रूप का समर्पण और सम्मान दिखाया गया है। जैसे राम का नाम है प्यारा और राम शरण में आजा तू भी जैसे भजन हमें राम के दिव्य रूप और कृपा की ओर प्रेरित करते हैं, वैसे ही यह भजन हमें रामलला के रंगीन रूप का आभार और सम्मान दिलाता है। श्रीराम के भजन हमारे दिलों में उमंग और खुशी का संचार करते हैं, और हम सबको राम के चरणों में अडिग विश्वास और भक्ति की ओर मार्गदर्शन करते हैं। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile