राम लला घर आए है मिलकर सारे दीप जलाओ

भगवान श्रीराम केवल एक नाम नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के आधार हैं। जब रामलला अपने भक्तों के घर पधारते हैं, तो हर द्वार, हर आंगन रोशनी से जगमगा उठता है। राम लला घर आए हैं, मिलकर सारे दीप जलाओ भजन हमें इसी दिव्य क्षण का अनुभव कराता है। यह भजन हमारे मन में भक्ति और उल्लास की ज्योत जगाता है और हमें श्रीराम के स्वागत में श्रद्धा व प्रेम से दीप जलाने के लिए प्रेरित करता है। आइए, इस भक्तिमय भाव को आत्मसात करें और प्रभु श्रीराम का गुणगान करें।

Ram Lala Ghar Aaye Hai Milakar Sare Deep Jalao

मन उपवन में फूल खिले,
अब नैन मेरे सुख पाए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आये हैं।1।

रोम रोम अब खिलने लगा,
तेरी आहत के अहसास से,
लौटे है रघुनाथ हमारे,
वर्षो के वनवास से,
सजल हुई है सुखी अखियां,
लब मेरे मुस्काए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आये हैं।2।

किन शब्दों में करूँ मैं वर्णन,
उस पावन सुखधाम का,
धन्य अयोध्या की वो धरती,
जहाँ पे घर मेरे राम का,
चौखट के पत्थर भी अपनी,
किस्मत पर इतराए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आये हैं।3।

ये खुशहाली वाला सूरज,
रातें गिन गिन आया है,
घड़ियां बीती सदियां बीती,
तब ये शुभ दिन आया है,
‘सोनू’ के वीराने मन ने,
गीत ख़ुशी के गाए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आये हैं।4।

मन उपवन में फूल खिले,
अब नैन मेरे सुख पाए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आए है,
मिलकर सारे दीप जलाओ,
राम लला घर आये हैं।5।

रामलला का आना केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय को आनंद से भर देता है। राम लला घर आए हैं, मिलकर सारे दीप जलाओ भजन हमें यह याद दिलाता है कि जब भी हमारे जीवन में भक्ति और प्रेम की लौ जलती है, वहीं रामलला का निवास होता है। ऐसे ही भक्ति से ओत-प्रोत भजन लौट आए सियाराम अयोध्या जय बोलो सियावर राम की, अवध में आए मेरे राम बधाई सारे भक्तों को, धाम अयोध्या जैसा ना हुआ कहीं ना होगा, आज अयोध्या नगरी में मची धूम बड़ी भारी को करें और अपने मन को प्रभु श्रीराम के प्रेम से आलोकित करें। जय श्री राम! ????????

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