राज तिलक है राम लला का धूम मची हरि नाम की

राज तिलक है राम लला का धूम मची हरि नाम की भजन में हम देखते हैं कि भगवान श्रीराम के राजतिलक की खुशी में अयोध्या में एक नई रोशनी छा जाती है। यह भजन न केवल श्रीराम के राज्याभिषेक की महानता का उद्घाटन करता है, बल्कि उनके नाम की महिमा और उनके गुणों के प्रचार-प्रसार की ओर भी हमें प्रेरित करता है। जैसे श्रीराम के कदमों से अयोध्या की धरती धन्य हुई, वैसे ही इस भजन के शब्द हमारे दिलों में श्रीराम के प्रति भक्ति और श्रद्धा का संचार करते हैं।

Raj Tilak Hai Ram Lala Ka Dhoom Machi Naam Ki

राज तिलक है राम लला का,
धूम मची हरि नाम की,
जय हो राजा राम की,
जय हो अयोध्या धाम की।1।

माता जानकी संग विराजे,
रघुवर दीनानाथ है,
भरत लक्ष्मण शत्रुघ्न जी,
तीनों भैया साथ है,
बलिहारी जाते है रघुवर,
सेवा देख हनुमान की,
जय हो राजा राम की,
जय हो अयोध्या धाम की।2।

ख़त्म हुआ वनवास प्रभु का,
घर घर दीप जलाएंगे,
अपने प्यारे राम लला की,
जय जयकार बुलाएंगे,
जयकारो से गूंज उठेगी,
धरती भारत धाम की,
जय हो राजा राम की,
जय हो अयोध्या धाम की।3।

संत ऋषि मुनियों भक्तो की,
भक्ति का परिणाम है,
सत्य सनातन धर्म की जय जय,
हो रही चारों धाम है,
‘कुक्की’ आज बधाई गावे,
श्री रघुवर के नाम की,
जय हो राजा राम की,
जय हो अयोध्या धाम की।4।

राज तिलक है राम लला का,
धूम मची हरि नाम की,
जय हो राजा राम की,
जय हो अयोध्या धाम की।5।

राज तिलक है राम लला का धूम मची हरि नाम की भजन से हम यह समझ पाते हैं कि जब श्रीराम के चरणों में बसी आस्था और भक्ति सच्चे दिल से की जाती है, तो जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। जैसे राम राज्य आया है और श्री राम राज अब आया है भजन में देखा गया है, श्रीराम के राज्य की स्थापना से ही समाज में हर व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और सुख का वास होता है। इस भजन की सादगी और उसकी गहरी भावनाएं हमें श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण करने की प्रेरणा देती हैं। जय श्रीराम!

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