भगवान श्रीराम जब अपने वनवास का समय पूरा कर अयोध्या लौटे, तो पूरी नगरी खुशी से झूम उठी। भक्तों का हृदय हर्ष से भर गया, और जयघोष से गूंज उठा – “लौट आये सियाराम अयोध्या, जय बोलो सियावर राम की”। यह भजन उसी पावन क्षण की याद दिलाता है जब रामराज्य की स्थापना हुई और पूरी अयोध्या ने अपने आराध्य का भव्य स्वागत किया। इस भजन के माध्यम से हम भी उस दिव्य आनंद और उल्लास को अनुभव कर सकते हैं।
Laut Aaye Siyaram Ayodhya Jay Bolo Siyavar
दोहा –
सौगंध राम की खाई थी,
मंदिर वहीँ बनाया है,
चारों तरफ भगवा लहराए,
युग राम राज का आया है।
लौट आये सियाराम अयोध्या,
भव्य शोभा दिव्य धाम की,
जय बोलो सियावर राम की,
जय बोलो सियावर राम की।1।
शुभ दिन है २२ जनवरी,
द्वादशी दिन सोमवार,
द्वादशी दिन सोमवार,
राम लला मंदिर में विराजे,
सुन्दर दरश दीदार,
सुन्दर दरश दीदार,
गूंज रही धरा धाम गगन में,
जय जय जय सियाराम की,
जय बोलो सियावर राम की,
जय बोलो सियावर राम की।2।
राम नाम की झूले पताका,
झूमे आली आली,
झूमे आली आली,
लाख करोड़ों दीप जले है,
घर घर है दिवाली,
घर घर है दिवाली,
अमरावती से बढ़कर सुन्दर,
शोभा अयोध्या धाम की,
जय बोलो सियावर राम की,
जय बोलो सियावर राम की।3।
राम राज की हुई स्थापना,
सजा राम दरबार,
सजा राम दरबार,
‘मधुप हरि’ आई खुशहाली,
सुखी हुआ संसार,
सुखी हुआ संसार,
सारे जगत में धूम मची है,
राम प्रभु के नाम की,
जय बोलो सियावर राम की,
जय बोलो सियावर राम की।4।
लौट आए सियाराम अयोध्या,
भव्य शोभा दिव्य धाम की,
जय बोलो सियावर राम की,
जय बोलो सियावर राम की।5।
राम भक्तों के लिए श्रीराम का अयोध्या लौटना किसी महोत्सव से कम नहीं। लौट आये सियाराम अयोध्या, जय बोलो सियावर राम की भजन हमें उसी भक्तिभाव और प्रेम में सराबोर कर देता है। ऐसे ही अन्य सुंदर भजनों आये अवध में रघुराई सब बांटो बधाई, आज अयोध्या नगरी में मची धूम बड़ी भारी, लहराया श्री राम का भगवा सारे हिंदुस्तान में, राम का नाम है प्यारा लगाओ जय जयकारा को करें और प्रभु श्रीराम की भक्ति में लीन हो जाएं। जय श्री राम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile