Hath Me Bhagwa Uthaye Jay Bolo Shri Ram Ki
हाथ में भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की,
जय बोलो श्री राम की।।
जय कौशल्या लाल की,
हाथ मे भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की।।
तुमको पुकारती ये,
भूमि भारत मात की,
चल पड़ो ऐ हिन्दू तुम्हे,
कसम हिंदुस्तान की।।
वीरों के बलिदान की,
हाथ मे भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की।।
ऋषि मुनि संत सभी,
देव हर्षाए है,
भारत माँ के वीर हिन्दू,
भगवा लेकर आए है।।
चलो सारे हिन्दू बात,
छोड़ जात पात की,
हाथ मे भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की।।
केसरिया तिलक है और,
हाथों में आरती,
भूमि का रथ है और,
पवन देव सारथि।।
चमक रही ज्योति आज,
हिन्दू के ललाट की,
हाथ मे भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की।।
हाथ में भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की,
जय बोलो श्री राम की।।
जय कौशल्या लाल की,
हाथ मे भगवा उठाए,
जय बोलो श्री राम की।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile