Hare Ram Hare Rama Japate The Hanumana
हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना…
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना।।
जब केवट ने मुख से,
इस मंत्र के बोल पढ़े…
त्रिलोकपति आकर,
केवट की नाव चढ़े।
हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना…
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना।।
इस मंत्र की महिमा को,
भिलनी ने जान लिया…
रघुवर खुद घर आए,
कितना सम्मान किया।
हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना…
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना।।
इस मंत्र से हनुमत ने,
सागर को पार किया…
उस कपटी रावण की,
लंका को उजाड़ दिया।
हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना…
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना।।
इस मंत्र से हार गया,
रावण सा बलशाली…
इस मंत्र से तुलसी ने,
रामायण लिख डाली।
हरे राम हरें रामा,
जपते थे हनुमाना…
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना।।
हरे राम हरे रामा,
जपते थे हनुमाना…
इस मंत्र कि महिमा को,
सारे जग ने जाना।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile