दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो लिरिक्स

दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो भजन में श्रीराम की दया और करुणा का बहुत सुंदर चित्रण किया गया है। यह भजन एक भक्त की भावनाओं को व्यक्त करता है जो श्रीराम के दर पर अपनी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ आता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि अगर हमारी निष्ठा और श्रद्धा सच्ची है, तो प्रभु श्रीराम हमेशा हमें अपने आशीर्वाद से नवाजेंगे। भक्ति में अडिग रहने और प्रभु की कृपा पर विश्वास रखने की यह प्रेरणा देता है।

Dar Par Tumhare Aaya Thukrao Ya Utha Lo

दर पर तुम्हारे आया,
ठुकराओ या उठा लो,
करुणा के सिंधु मालिक,
अपनी विरद बचा लो,
दर पर तुम्हारें आया,
ठुकराओ या उठा लो।1।

मीरा या शबरी जैसा,
पाया हृदय ना मैंने,
जो है दिया तुम्हारा,
लो अब इसे सम्भालो,
दर पर तुम्हारें आया,
ठुकराओ या उठा लो।2।

दिन रात अपना अपना,
करके बहुत फसाया,
कोई हुआ ना अपना,
अब अपना मुझे बना लो,
दर पर तुम्हारें आया,
ठुकराओ या उठा लो।3।

दोषी हूँ मैं या सारा,
ये खेल है तुम्हारा,
जो हो समर्थ हो तुम,
चाहे गजब झूठालो,
दर पर तुम्हारें आया,
ठुकराओ या उठा लो।4।

बस याद अपनी दे दो,
सब कुछ भले ही लेलो,
विषमय ‘करील’ पर अब,
करुणा की दृष्टि डालो,
दर पर तुम्हारें आया,
ठुकराओ या उठा लो।5।

दर पर तुम्हारे आया,
ठुकराओ या उठा लो,
करुणा के सिंधु मालिक,
अपनी विरद बचा लो,
दर पर तुम्हारें आया,
ठुकराओ या उठा लो।6।

दर पर तुम्हारे आया ठुकराओ या उठा लो भजन में श्रीराम के दर की अपार महिमा का उल्लेख किया गया है, जैसा कि राम का नाम है प्यारा और राम लला का मंदिर भजनों में भी दर्शाया जाता है। श्रीराम का दर सभी के लिए खुला होता है, और उनका आशीर्वाद हर सच्चे भक्त को मिलता है। जैसे हम जानते हैं कि श्रीराम के बिना जीवन अधूरा है, वैसे ही उनके दर पर हमारी हर समस्या का समाधान छिपा है। हमे बस अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ उनके दर पर आना होता है। जय श्रीराम!

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