चंपा फूल चमेली फूल तोड़कर लाऊंगा

चंपा फूल चमेली फूल तोड़कर लाऊंगा भजन में एक भावनात्मक और सच्चे प्रेम का संदेश है, जहाँ भक्त अपने प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी असीम श्रद्धा और भक्ति का इज़हार करता है। इस भजन में, वह भक्त अपने भगवान के लिए प्रेम से भरे हुए सुंदर फूलों को लाने का संकल्प करता है, जो उसकी भावनाओं की सच्चाई और समर्पण को दर्शाता है। यहाँ पर फूलों का प्रतीक केवल सुंदरता का नहीं, बल्कि भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण का है। यह भजन हमारे दिल में राम के प्रति एक सच्चे प्रेम का जज्बा पैदा करता है और हमें अपने भगवान के प्रति अपनी भक्ति को निखारने की प्रेरणा देता है।

Champa Phool Chameli Phool Todkar Launga

चंपा फूल चमेली फूल,
फूल तोड़कर लाऊंगा,
उन्हीं फूलों का हार बनाकर,
राम गले पहनाऊंगा।1।

कर ली स्वागत की तैयारी,
बन गया मंदिर आपका,
जल्दी आकर दिखलाओ प्रभू,
प्यारा मुखड़ा आपका,
दर्शन करके आपका मैं,
जीवन सफल बनाऊंगा,
उन्हीं फूलों का हार बनाकर,
राम गले पहनाऊंगा।2।

श्री राम जी आना संग में,
मात जानकी को,
लाना और साथ में छोटे भैया,
लखन लाल को भी लाना,
हनुमान जी सा सेवक जिनका,
चरणों की रज पाऊंगा,
उन्हीं फूलों का हार बनाकर,
राम गले पहनाऊंगा।3।

मर्यादा पुरुषोत्तम हैं प्रभु,
जाने जगत ये सारा,
सारे जहां में गुंज रहा है,
राम नाम जयकारा,
उमेश आपकी रचना लिखता,
राम रंग रंग जाऊंगा,
उन्हीं फूलों का हार बनाकर,
राम गले पहनाऊंगा।4।

चंपा फूल चमेली फूल,
फूल तोड़कर लाऊंगा,
उन्हीं फूलों का हार बनाकर,
राम गले पहनाऊंगा।5।

चंपा फूल चमेली फूल तोड़कर लाऊंगा भजन हमें यह सिखाता है कि भगवान के प्रति सच्ची भक्ति हर स्थिति में प्रकट होनी चाहिए। जैसे राम के थे राम के है हम राम के रहेंगे और राम लला घर आए है मिलकर सारे दीप जलाओ भजन में भक्त अपने प्रभु के स्वागत और भक्ति का उद्घोष करता है, वैसे ही इस भजन में भी प्रेम और समर्पण का भाव साफ तौर पर व्यक्त होता है। हमें चाहिए कि हम भी भगवान के प्रति इसी तरह की निष्ठा और समर्पण रखें, ताकि हमारे जीवन में राम का आशीर्वाद हमेशा बना रहे। जय श्रीराम!

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