Chahe Ram Kaho Chahe Shyam Kaho
चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो…
दोनों का मतलब एक ही है।।
श्री राम के हाथ में धनुष बाण,
और श्याम के हाथ मुरलियाँ है,
है सांवली सूरत दोनों की…
है रूप अलग छवि एक ही हैं,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो…
दोनों का मतलब एक ही है।।
श्री राम संग में जानकी जी,
और श्याम के संग में राधा है,
है अलग अलग ये नाम मगर…
वैसे शक्ति सब एक ही है,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो…
दोनों का मतलब एक ही है।।
श्री राम ने रावण मारा था,
श्री कृष्ण ने कंस पछाड़ा था,
दोनों विष्णु अवतारी है…
दोनों का करतब एक ही है,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो…
दोनों का मतलब एक ही है।।
एक कौशल्या के प्यारे है,
एक यशोदा अखियन प्यारे है,
दोनों के खेल निराले है…
दोनों जग के उजियारे है,
चाहे राम कहों चाहे श्याम कहो…
दोनों का मतलब एक ही है।।
चाहे राम कहो चाहे श्याम कहो…
दोनों का मतलब एक ही है।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile