Bol Kaga Bol Mere Ram Kab Aayenge
बोल कागा बोल,
मेरे राम कब आएंगे,
शबरी की कुटिया के,
भाग्य जाग जाएँगे…
बोल कागा बोल,
मेरे राम कब आएंगे।।
आए नही राम जी,
लगाई कहाँ देर है,
चुन चुन के मेने कबसे,
रख दिए बेर है…
बलि बलि जाउगी जब,
राम मेरे आएगे,
बोल कागां बोल,
मेरे राम कब आएंगे।।
लादे रे कागा मेरे,
राम की खबरिया,
आएँगे धनुष धारी,
कौन सी डगरिय…
अखियाँ बिछा दूँगी जब,
मेरे राम आएंगे,
बोल कागां बोल,
मेरे राम कब आएंगे।।
भोले भाले दौनो भाई,
बड़े ही रिझावर हैं,
मेरी इस नैया के,
वो ही पतवार है…
जान के अनाथ हमको,
पार वो लगाएंगे,
बोल कागां बोल,
मेरे राम कब आएंगे।।
राम की लगान में,
मगन थी मैं काग रे,
लगी हुई पापो वाली,
बुझ गयी आग रे…
बिगड़ी पुरानी मेरी,
आके वो बनाएँगे,
बोल कागां बोल,
मेरे राम कब आएंगे।।
बोल कागा बोल,
मेरे राम कब आएंगे,
शबरी की कुटिया के,
भाग्य जाग जाएँगे…
बोल कागा बोल,
मेरे राम कब आएंगे।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile