जब अवध नगरी में श्रीराम का आगमन होता है, तो हर दिशा में खुशियों की गूंज सुनाई देती है। अवध में बाज रही शहनाई भजन हमें उस शुभ क्षण की याद दिलाता है, जब रामराज्य की स्थापना हुई और हर भक्त के हृदय में आनंद का सागर उमड़ पड़ा। यह भजन हमें प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी भक्ति को और प्रगाढ़ करने का अवसर देता है।
Awadh Me Baj Rahi Shahnai
अवध में बाज रही शहनाई,
जगत में बाज रही शहनाई,
राम लला निज धाम विराजे,
श्री राम की जय बोलो भाई।1।
लौटे राम लला हितकारी,
प्रभु ने सुनली अर्ज हमारी,
सजी अयोध्या मंगल गा रही,
स्वागत कर रहे सब नर नारी,
पाएं दर्शन राम लला के,
ऐसी घड़ी शुभ आई,
अवध मे बाज रहीं शहनाई,
जगत में बाज रही शहनाई।2।
अवध में राम ध्वजा लहराए,
त्रेता युग की याद दिलाए,
भव्य मंदिर इतिहास रचाए,
छटा देख जन्नत शरमाए,
आए बाला रूप निराला,
संग बैठे सुखदाई,
अवध मे बाज रहीं शहनाई,
जगत में बाज रही शहनाई।3।
स्वर्ग से सुंदर अवध हमारी,
यहां जन्मे थे राम मनोहारी,
कमल पे सजे लला धनुधारी,
‘गौरव’ ने श्री छवि निहारी,
सारी दुनिया ‘ओम सैन’ कहे,
सदी हिंद की आई,
अवध मे बाज रहीं शहनाई,
जगत में बाज रही शहनाई।4।
अवध में बाज रही शहनाई,
जगत में बाज रही शहनाई,
राम लला निज धाम विराजे,
श्री राम की जय बोलो भाई।5।
श्रीराम के आगमन पर अयोध्या की धरती धन्य हो जाती है, और भक्तों के हृदय आनंद से झूम उठते हैं। यह भजन हमें रामराज्य की सुखद कल्पना में ले जाता है और श्रीराम के दिव्य गुणों को गाने के लिए प्रेरित करता है। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो आप अवधपुरी में दीप जले हैं सिया संग मेरे राम चले हैं, बन गया है अवध में राम दरबार, लल्ला की बांटो रे बधाई, अवध में श्रीराम आए हैं , और रामराज्य आया रे देखो जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ सकते हैं। ???? जय श्रीराम! ????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile