Aise Hai Mere Ram Bhagwan Shri Ram
ऐसे है मेरे राम, ऐसे हैं मेरे राम,
विनय भरा हृदय करे सदा जिन्हें प्रणाम…
ऐसे हैं मेरे राम ऐसे हैं मेरे राम।।
हृदय कमल, नयन कमल,
सुमुख कमल, चरण कमल…
कमल के कुञ्ज तेज पुंज,
छवि ललित ललाम,
ऐसे हैं मेरे राम ऐसे हैं मेरे राम।।
राम सा पुत्र ना राम सा भ्राता,
राम सा पति नहीं राम सा त्राता,
राम सा मित्र ना राम सा दाता…
सब से निभाये सब सा नाता,
स्वभाव से उदार शांत,
सब गुणों के धाम,
ऐसे हैं मेरे राम ऐसे हैं मेरे राम।।
सारे जग के प्राण है राम,
ऋषि मुनियो का ध्यान है राम,
गन्धर्वो का गान है राम,
मर्यादा का भान है राम,
पतितों का उद्यान है राम,
धनुधारी धनवान है राम…
निश्चित ही विद्वान है राम,
सम्पूरण भगवान है राम,
जनम-मरण से मुक्ति हो,
जपो जो राम नाम,
ऐसे हैं मेरे राम ऐसे हैं मेरे राम।।
ऐसे हैं मेरे राम, ऐसे हैं मेरे राम,
विनय भरा हृदय करे सदा जिन्हें प्रणाम…
ऐसे है मेरे राम ऐसे हैं मेरे राम।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile