भक्त का जीवन प्रभु की कृपा पर टिका होता है। जब श्रीकृष्ण अपनी दयादृष्टि बनाए रखते हैं, तब हर कठिनाई सरल हो जाती है और हर बाधा प्रेम में बदल जाती है। भजन तेरी दया से चलता गुजारा बाबा हमारा इसी अनन्य श्रद्धा और समर्पण को प्रकट करता है, जहाँ भक्त स्वीकार करता है कि उसका संपूर्ण जीवन केवल प्रभु की कृपा का परिणाम है। आइए, इस भजन के भावों में डूबकर श्रीकृष्ण की अनंत दया और करुणा का अनुभव करें।
Teri Daya Se Chalta Gujara Baba Hamara
तेरी दया से,
चलता गुजारा बाबा हमारा,
विपदा में तू ही,
बना है सहारा बाबा हमारा।1।
सोते या उठते मुख से हमारे,
तेरा नाम निकले,
बदले तो बदले चाहे जमाना,
पर तू ना बदले,
भंवर से हमेशा,
कश्ती को बाबा तूने निकाला,
तेरी दया सें।2।
हमने किया है खुद को दयालु,
तेरे हवाले,
चिंता करे क्यों तूफां में नैया,
तू ही सम्भाले,
भटके को देता ओ लीले वाले,
तू ही किनारा,
तेरी दया सें।3।
यही है तमन्ना चौखट से तेरी,
कभी ना जुदा हो,
करुणा के सागर दीनों पे यूँ ही,
करुणा सदा हो,
‘हर्ष’ मिले बस हर इक जनम में,
दर ये तुम्हारा,
तेरी दया सें।4।
तेरी दया से,
चलता गुजारा बाबा हमारा,
विपदा में तू ही,
बना है सहारा बाबा हमारा।5।
श्रीकृष्ण की कृपा ही भक्त का सबसे बड़ा सहारा है। वे दीनों के नाथ, करुणानिधान और प्रेम के सागर हैं। उनकी भक्ति में जो लीन हो जाता है, वह कभी भी जीवन में अकेला नहीं पड़ता। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे लेकर तुम चिंताएं मेरी रख लो अपने पास, एक बार भेज बुलावो खाटू आणो चाहूं मैं, हे योगेश्वर हे प्राणेश्वर हे जगदीश्वर नमो नमो और नजरे दया की मेरे श्याम खोलो, जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और अधिक प्रगाढ़ हो जाए। ????????