सुन ओ कृष्ण की माँ बहुत दिन टाला है

यशोदा माँ के लिए उनके लाल श्रीकृष्ण ही पूरे ब्रज की खुशियों का कारण थे। भजन सुन ओ कृष्ण की माँ बहुत दिन टाला है उसी भक्तिभाव को दर्शाता है, जिसमें भक्त अपने आराध्य की लीलाओं को सुनने और उन्हें अनुभव करने की व्याकुलता व्यक्त करता है। यह भजन माँ यशोदा के वात्सल्य और श्रीकृष्ण के प्रति उनके अटूट प्रेम को भी दर्शाता है, जिससे हर भक्त भावविभोर हो जाता है।

Sun O Krishna Ki Maa Bahut Din Tala Hai

सुन ओ कृष्ण की माँ,
बहुत दिन टाला है,
मैं ना राधा ब्याह रचाऊं,
कन्हैया तेरा काला है।।1।।

मेरी राधा चंद्र किरण सी,
रूप उजियारी है,
तेरा लाला तो,
जैसे रतिया काली है,
तेरा लाला तो,
जैसे रतिया काली है,
मैंने बड़े लाड़ से,
लाड़ली को पाला है,
मै ना राधा ब्याह रचाऊँ,
कन्हैया तेरा काला है।।2।

मेरी राधा चंपा,
कली का रंग सुनहरा है,
तेरा मोहन तो,
जैसे काला भवरा है,
तेरा मोहन तो,
जैसे काला भवरा है,
मैंने बड़े नाज से,
लाड़ली को संभाला है,
मै ना राधा ब्याह रचाऊँ,
कन्हैया तेरा काला है।।3।

रखले तू अपनी राधा,
कहीं छुपाकर के,
क्या तूने जन्म दिया है,
सोना खा कर के,
क्या तूने जन्म दिया है,
सोना खा कर के,
मेरा श्याम लला भी,
अंखियों का उजियाला है,
मै ना राधा ब्याह रचाऊँ,
कन्हैया तेरा काला है।।4।

उस काले की बात,
कहीं कुछ और है,
मैंने सुना तेरा लाला,
माखन चोर है,
मैंने सुना तेरा लाला,
माखन चोर है,
अब बोल जरा क्यों,
लगा जुबां पे ताला है,
मै ना राधा ब्याह रचाऊँ,
कन्हैया तेरा काला है।।5।

मेरे लाला को,
माखन मिश्री भाता है,
हाँ कभी कभी थोड़ा,
छुप छुप के खाता है,
हाँ कभी कभी थोड़ा,
छुप छुप के खाता है,
मेरा श्याम लला,
देख बड़ा दिलवाला है,
मै ना राधा ब्याह रचाऊँ,
कन्हैया तेरा काला है।।6।

मेरे लाला को,
कहाँ दुल्हन का घाटा है,
लड़की वालों ने,
मेरे श्याम को छांटा है,
लड़की वालों ने,
मेरे श्याम को छांटा है,

क्यों बातें करती,
लगाके मिर्च मसाला है,
मेरा लाला भी,
अंखियों का उजियाला है।।7।

सुन ओ कृष्ण की माँ,
बहुत दिन टाला है,
मैं ना राधा ब्याह रचाऊं,
कन्हैया तेरा काला है।।8।

श्रीकृष्ण की लीलाएं प्रेम, भक्ति और वात्सल्य से भरी हुई हैं, जो हर भक्त को ईश्वर के करीब ले जाती हैं। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे जीमो जीमो म्हारा मदन गोपाल, कर्मा बाई रो खीचड़लो, दिल में उठी उमंग तेरे दीदार की, ब्रजवासियों के भाग आज खुल जायेंगे, श्याम आएंगे और जब से जन्मे कृष्ण कन्हाई, मेरे तो भाग्य उजागर है, जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और भी गहरी हो जाए। ????????

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