श्री बांके बिहारी लाल श्री राधावर माधव हरे

श्री बांके बिहारी लाल श्री राधावर माधव हरे भजन कृष्ण भक्ति और उनकी दिव्य महिमा का गुणगान करता है। यह भजन हमारे प्रिय ठाकुर जी, वृंदावन के बांके बिहारी लाल की अद्भुत छवि को मन में बसाने का अवसर देता है। जब हम कृष्ण नाम का संकीर्तन करते हैं, तो मन आनंदित हो उठता है और आत्मा कृष्ण प्रेम में डूब जाती है। यह भजन हर भक्त को राधा-माधव की भक्ति में सराबोर कर देता है।

Sri Banke Bihari Lal Sri Radhaver Madhav Hare

श्री बांके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे,
माधव हरे माधव हरे,
श्री बाँके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे।।1।।

जादूगर है नंद को छोना,
याने मोपे कर दियो टोना,
मैं तो भई रे बेहाल,
श्री राधावर माधव हरे,
श्री बाँके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे।।2।।

मीठी मीठी वंसी बजावे,
बंसी बजा के मन ललचावे,
मैं तो भई रे बेहाल,
श्री राधावर माधव हरे,
श्री बाँके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे।।3।।

यमुना किनारे कदमन छैया,
श्याम चरावत डोलै गैया,
संग सोहे ब्रज ग्वाल,
श्री राधावर माधव हरे,
श्री बाँके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे।।4।।

श्री बांके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे,
माधव हरे माधव हरे,
श्री बाँके बिहारी लाल,
श्री राधावर माधव हरे।।5।।

श्री बांके बिहारी लाल की महिमा अपरंपार है, उनकी भक्ति से जीवन में आनंद और शांति प्राप्त होती है। यदि यह भजन आपके मन को कृष्ण भक्ति से भर गया हो, तो मेरो मन लाग्यो श्री वृंदावन धाम, नैनो की प्यास बुझा दे रे मेरे बांके बिहारी और मेरो मन वृंदावन में अटको जैसे अन्य भजनों को भी करें और ठाकुर जी की भक्ति में डूब जाएं। जय श्री राधे! जय श्री कृष्ण! ????????✨

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