सारे जग को सेठ सांवरो बैठो तनखा बांटे रे

सारे जग को सेठ सांवरो बैठो तनखा बांटे रे भजन हमें श्याम बाबा की कृपा और उनकी दयालुता की याद दिलाता है। खाटू वाले श्याम जी अपने भक्तों को कभी भी खाली नहीं लौटाते, वे सच्चे दाता हैं जो प्रेम और भक्ति की दौलत लुटाते हैं। यह भजन बताता है कि श्याम जी केवल धन-संपत्ति ही नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और सच्चे प्रेम का भी वितरण करते हैं। जब भक्त उनके दरबार में आता है, तो वह सिर्फ उनका होकर रह जाता है।

Sare Jag Ko Seth Sanwaro Baitho Tanakha Bante Re

सारे जग को सेठ सांवरो,
यो बैठो तनखा बांटे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।।1।।

एक नजर में इसको जादू,
सर चढ़ करके बोले रे,
बैठो ऐसो यो जादूगर,
बंद किस्मत को खोले रे,
एक यही दातार है जो,
एक यही दातार है जो,
लाड लडावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।।2।

सांवरिया के दर पे आके,
बिन मांगे मिल जाता है,
दुनिया में मेरे श्याम के जैसा,
और नहीं कोई दाता है,
बाह पकड़ ले गिरने ना दे,
बाह पकड़ ले गिरने ना दे,
मुझे गले लगावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।।3।

सांवरिया खाटू में बैठो,
सबको यही बुलावे रे,
हर ग्यारस को सुने मुकदमा,
अपनो हुकम सुनावे रे,
‘धीरज’ को रिहा कर दे तू,
भक्तों को रिहा कर दे तू,
नाच नचावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।।4।

सारे जग को सेठ सांवरो,
यो बैठो तनखा बांटे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे,
जितना चाहो लूट लो आके,
खूब लुटावे रे।।5।

श्याम बाबा के दरबार में जो भी श्रद्धा से आता है, उसे अपार कृपा प्राप्त होती है। उनकी भक्ति में लीन होने से जीवन संवर जाता है और तन-मन भक्तिरस में डूब जाता है। अगर यह भजन आपको भक्ति की मिठास से भर गया, तो बाबा तुम हारे के सहारे सुंदर है खाटू के नजारे, खाटू में जो सजकर बैठा हम उसके दीवाने हैं और तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होगी जैसे अन्य भजनों को भी करें और श्याम प्रेम में मग्न हो जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨

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