रुतबा बढ़ा दिया श्याम भजन श्याम प्रभु की महिमा और उनके अनंत कृपा की गाथा गाता है। जब कोई भक्त सच्चे मन से शरण में आता है, तो श्याम न केवल उसके कष्ट हर लेते हैं, बल्कि उसका मान-सम्मान भी बढ़ा देते हैं। यह भजन हम सभी को प्रेरित करता है कि अपने जीवन की हर परिस्थिति में श्याम बाबा पर विश्वास बनाए रखें, क्योंकि उनकी कृपा से ही भक्तों का रुतबा बढ़ता है और जीवन सफल बनता है।
Rutaba Badha Diya
रुतबा बढ़ा दिया,
श्याम मेरा रुतबा बढा दिया,
कंकर को मोती बना के,
तुने रुतबा बढा दिया।।1।।
भूल गए थे सब अपने,
बेगाने हो गए,
तुमने क्या मंतर मारा,
ये जग अपना बना दिया,
कंकर को मोती बना के,
तुने रुतबा बढा दिया।।2।।
बेहतो के संग तो बहते,
मैंने अब तक देखे,
तूने रुके हुए को पकड़ के ऊँगली,
संग में बहा लिया,
कंकर को मोती बना के,
तुने रुतबा बढा दिया।।3।।
दास ‘रवि’ को नहीं फिकर,
अब जो हो जैसा हो,
जब तूने नालायक अपने,
लायक बना लिया,
कंकर को मोती बना के,
तुने रुतबा बढा दिया।।4।।
रुतबा बढ़ा दिया,
श्याम मेरा रुतबा बढा दिया,
कंकर को मोती बना के,
तुने रुतबा बढा दिया।।5।।
श्याम धणी की महिमा अपरंपार है, जो भी उनका नाम लेकर चलता है, उसकी तकदीर बदल जाती है। यह भजन हमें विश्वास और भक्ति की सीख देता है। यदि यह भजन आपके हृदय में श्याम प्रेम को और प्रगाढ़ कर गया हो, तो तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होगी, दरबार है निराला खाटू के श्याम का और मुझे तू ही संभालेगा श्याम भजन जैसे अन्य भजनों को भी करें और अपने मन को श्याम प्रेम में डुबोएं। जय श्री श्याम! ????????✨