राधा रानी रा भरतार सांवरिया मंडपिया बिराजे जी

राधा रानी रा भरतार सांवरिया मंडपिया बिराजे जी — यह भजन श्री राधा रानी और सांवरे श्याम के पावन विवाह प्रसंग को दर्शाता है। जब राधा रानी अपने प्रिय ठाकुर जी के संग विवाह मंडप में विराजमान होती हैं, तो संपूर्ण ब्रजमंडल आनंदित हो उठता है। यह भजन उन दिव्य क्षणों की अनुभूति कराता है, जब प्रेम, भक्ति और उत्सव का संयोग होता है। आइए, इस भक्तिमय भजन के माध्यम से राधा-कृष्ण के प्रेम का रसपान करें।

Radha Rani Ra Bhartar Sanvariya Mandpiya Biraje Ji

राधा रानी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
मंडपिया बिराजे जी,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
राधा राणी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी।।1।।

सोना चांदी और जर जेवर,
सांवरिया भगता पे घणा न्योछावर,
सांवरा भगता पे न्योछावर,
जीवन गाड़ी का आप डिरेवर,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
राधा राणी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी।।2।।

ताला कुची आपके हाथ,
सेठा का सेठ हो दीनानाथ,
कलयुग में पर्चा है साक्षात,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
राधा राणी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी।।3।।

पल में कई का कई कर देवे,
निर्धन ने धन बना धन देवे,
ठाठ वाके न्यारा न्यारा कर देवे,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
राधा राणी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी।।4।।

थारी पेठ सेठ के पाछे जी,
भारी पेठ सेठ के पाछे,
सांवरो भगता का मन जाचे,
मनडो रोम रोम यो नाचे,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
राधा राणी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी।।5।।

राधा रानी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
मंडपिया बिराजे जी,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी,
राधा राणी रा भरतार,
सांवरिया मंडपिया बिराजे जी।।6।।

राधा-कृष्ण का प्रेम अनंत, अलौकिक और दिव्य है, जिसे शब्दों में बाँधना असंभव है। जो भी सच्चे मन से राधा रानी और सांवरे श्याम का गुणगान करता है, उसकी भक्ति सफल हो जाती है। यदि यह भजन आपके मन को आनंदित कर गया हो, तो श्री बांके बिहारी लाल श्री राधावर माधव हरे , नैन मिले जो गिरधर से हो जाता है उद्धार और मेरो मन वृंदावन में अटको जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और ठाकुर जी की महिमा में डूब जाएं। जय श्री राधे! जय श्री कृष्ण! ????????

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