पकड़ ली है मेरी कलाई प्रभु ने —यह भजन एक भक्त की उस अनुभूति को प्रकट करता है, जब वह खुद को श्याम जी की शरण में समर्पित कर देता है। जब जीवन में कठिनाइयाँ बढ़ जाती हैं, तब भक्त को महसूस होता है कि श्याम बाबा ने उसकी कलाई पकड़ ली है और अब वह कभी गिर नहीं सकता। यह भजन विश्वास, समर्पण और कृपा की अद्भुत भावना को दर्शाता है।
Pakad Li Hai Meri Kalai Prabhu Ne
पकड़ ली है मेरी,
कलाई प्रभु ने,
कलाई प्रभु ने,
मेरी सोई किस्मत,
जगाई प्रभु ने,
जगाई प्रभु ने,
पकड ली हैं मेरी,
कलाई प्रभु ने।।1।।
उजड़ी पड़ी थी,
मेरे मन की बगिया,
वहां खिल रही अब,
खुशियों की कलिया,
मेरे हक की खुशियां,
दिलाई प्रभु ने, प्रभु ने,
पकड ली हैं मेरी,
कलाई प्रभु ने।।2।।
जब भी मुसीबत में,
घिरी मेरी नैया,
मुझको बचाने,
आया कन्हैया,
ना पल भर की देर,
लगाई प्रभु ने, प्रभु ने,
पकड ली हैं मेरी,
कलाई प्रभु ने।।3।।
प्रभु जब से तुमसे,
रिश्ता बनाया,
लगा जैसे ‘माधव’ ने,
फरिश्ता है पाया,
मेरी जिंदगी है,
सजाई प्रभु ने, प्रभु ने,
पकड ली हैं मेरी,
कलाई प्रभु ने।।4।।
पकड़ ली है मेरी,
कलाई प्रभु ने,
कलाई प्रभु ने,
मेरी सोई किस्मत,
जगाई प्रभु ने,
जगाई प्रभु ने,
पकड ली हैं मेरी,
कलाई प्रभु ने।।5।।
श्याम बाबा अपने भक्तों का हाथ कभी नहीं छोड़ते, उनकी कृपा से हर संकट टल जाता है। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो श्याम प्यारे ओ श्याम प्यारे , मेरी अर्जी सुनो श्याम सुंदर अब ना कोई बहाना चलेगा , और तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होगी जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨