म्हारी साँवरिये से आज लड़ाई होगी—यह भजन भक्त और श्याम बाबा के बीच के अलौकिक प्रेम और नोकझोंक को दर्शाता है। जब प्रेम गहरा हो, तो रूठना-मनाना भी उतना ही प्यारा लगता है। यह भजन एक भक्त की मासूमियत और श्याम के प्रति उसकी अनोखी शिकायतों को व्यक्त करता है। भक्त कहता है कि आज तो मैं अपने सांवरे से मन की सारी बातें कहूंगा, उनसे सवाल करूंगा, उनसे प्यार भरी नाराज़गी जताऊंगा। लेकिन क्या सांवरे सच में रूठ सकते हैं?
Mhari Sawariya Se Aaj Ladai Hogi
म्हारी साँवरिये से आज,
लड़ाई होगी,
म्हारी भोत पुरानी प्रीत,
पराई होगी।1।
नरसी बुलायो जद,
दौड्यो दौड्यो आयो,
खुद नानी ने चीर उढ़ायो,
म्हे तो विनती कर कर हारा,
क्यों मनाई होगी,
म्हारी भोत पुरानी प्रीत,
पराई होगी।2।
करमा बुलाई तू तो,
दौड्यो दौड्यो आयो,
आकर गट गट,
खीचड़ो खायो,
म्हारी भाव की मिठाई में,
खटाई होगी,
म्हारी भोत पुरानी प्रीत,
पराई होगी।3।
नींद में है या,
बहरो होग्यो,
या दरबार में,
पहरों होग्यो,
अइया कैया बा भगता से,
खिंजाई होगी,
म्हारी भोत पुरानी प्रीत,
पराई होगी।4।
सुण सारी बात,
साँवरियो आयो,
सब भगता ने,
कंठ लगायो,
म्हारी साँवरिये से,
फेर मिलाई होगी,
बंधगी ऐसी पक्की डोर,
ना जुदाई होगी।5।
म्हारी साँवरिये से आज,
लड़ाई होगी,
म्हारी भोत पुरानी प्रीत,
पराई होगी।6।
श्याम से प्रेम करने वाले भक्तों की यही खासियत होती है कि वे रूठते भी हैं तो श्याम से, और मानते भी श्याम से ही हैं। प्रेम और भक्ति का यह रिश्ता जितना अनमोल है, उतना ही मोहक भी। अगर आपको यह भजन प्रिय लगा, तो बुलावे म्हारो सांवरो, दिल का सुनाऊँ किसे हाल मेरे सांवरे, और श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ जैसे अन्य भजनों को भी अवश्य करें और श्याम की भक्ति में डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????????