मैं हर ग्यारस को आऊं तेरे दरबार सांवरे

मैं हर ग्यारस को आऊं तेरे दरबार सांवरे—यह भजन एक सच्चे भक्त की दृढ़ श्रद्धा और संकल्प को दर्शाता है। जब भी ग्यारस का पावन दिन आता है, तो भक्तों के मन में श्याम बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने की प्रबल इच्छा जाग उठती है। यह भजन भक्त और भगवान के बीच के उस प्रेम को दर्शाता है, जो हर एक ग्यारस को श्याम के चरणों में आने की प्रेरणा देता है।

Main Har Gyaras Pe Aaun Tere Darbar Sanware

तूने इतना दिया है मुझको,
हर बार सांवरे,
मैं हर ग्यारस को आऊं,
तेरे दरबार सांवरे।।1।।

तेरे नाम का महल खजाना,
अब तक है मैंने कमाया,
जब भी घबराता हूं मैं,
तू दौड़ा दौड़ा आया,
अब होता रहे बस तेरा,
अब होता रहे बस तेरा,
दीदार सांवरे,
मै हर ग्यारस को आऊँ,
तेरे दरबार सांवरे।।2।

मैं खर्च नहीं कर पाता,
तू देता है हर बारी,
तू बात ना माने मेरी,
मैं मना करूं सौ बारी,
मेरे जैसे पागल को,
मेरे जैसे पागल को,
किया स्वीकार सांवरे,
मै हर ग्यारस को आऊँ,
तेरे दरबार सांवरे।।3।

एक वादा कर ले मुझसे,
हर बार बुलाते रहना,
मैं हूं कठपुतली तेरी,
तू यूं ही नचाते रहना,
‘रवि फौजी’ रहेगा,
‘रवी फौजी’ रहेगा,
कर्जदार सांवरे,
मै हर ग्यारस को आऊँ,
तेरे दरबार सांवरे।।4।

तूने इतना दिया है मुझको,
हर बार सांवरे,
मैं हर ग्यारस को आऊं,
तेरे दरबार सांवरे।।5।

श्याम बाबा के दरबार में ग्यारस का विशेष महत्व होता है, इस दिन की गई भक्ति और अराधना से बाबा असीम कृपा बरसाते हैं। जब मन में प्रेम और समर्पण होता है, तो हर दिन ग्यारस के समान पावन बन जाता है। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो बुलावे म्हारो सांवरो , बैठे बैठे खाटू में ओ सांवरे , और तेरे दरबार आए हैं जहाँ से हार आए हैं जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में मग्न हो जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨

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