भक्त के जीवन में चिंताओं का अंबार हो सकता है, लेकिन जब वह श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित हो जाता है, तो सभी दुख स्वतः ही मिटने लगते हैं। प्रभु का प्रेम और उनकी कृपा हर चिंता का समाधान है। भजन लेकर तुम चिंताएं मेरी रख लो अपने पास इसी गहरे विश्वास और समर्पण की भावना को प्रकट करता है, जहाँ भक्त श्रीकृष्ण से अपनी सभी चिंताओं को हर लेने की प्रार्थना करता है। आइए, इस भजन के शब्दों में डूबकर श्रीकृष्ण की अनंत कृपा का अनुभव करें।
Lekar Tum Chintayein Meri Rakh Lo Apne Paas
लेकर तुम चिंताएं मेरी,
रख लो अपने पास,
हार के अब मैं बैठा बाबा,
तुझ पर ही विश्वास।1।
दुनिया की इस भीड़ में बाबा,
मैं तो खो ना जाऊं,
तुम ही ना अब देखोगे तो,
किसको पीड़ दिखाऊं,
तेरे होते भी क्यूं बाबा,
हरपल नीर बहाऊं,
दुनिया तो हर रोज ही बाबा,
करती है उपहास,
हार के अब मैं बैठा बाबा,
तुझ पर ही विश्वास।2।
सोच समझ कर तुमने जो,
सबकी तकदीर बनाई,
मेरी बारी खत्म हुई क्यूं,
तेरे कलम की स्याही,
अर्जी ना ठुकराओ मेरी,
अब तो कर सुनवाई,
कुछ तो बोलो बाबा तोड़ो,
मौन का तुम उपवास,
हार के अब मैं बैठा बाबा,
तुझ पर ही विश्वास।3।
अब ना हिम्मत बाकी मुझमें,
बस तुझ पर ही भरोसा,
संभाला है अब तक मुझको,
तुमने ही पाला पोसा,
ऐसी क्या गलती थी मेरी,
जो मुझसे तू रुसा,
‘नेहा’ पर तुम नेह लुटाकर,
रख लो अपने पास,
प्रतीक पर तुम नेह लुटाकर,
रख लो अपने पास,
हार के अब मैं बैठा बाबा,
तुझ पर ही विश्वास।4।
लेकर तुम चिंताएं मेरी,
रख लो अपने पास,
हार के अब मैं बैठा बाबा,
तुझ पर ही विश्वास।5।
श्रीकृष्ण अपने भक्तों की हर चिंता को हर लेते हैं और उन्हें स्नेह व शांति का आशीर्वाद देते हैं। जब हम अपने जीवन की बागडोर उनके हाथों में सौंप देते हैं, तो सब कुछ सहज और आनंदमय हो जाता है। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे एक बार भेज बुलावो खाटू आणो चाहूं मैं ,हे योगेश्वर हे प्राणेश्वर हे जगदीश्वर नमो नमो, नजरे दया की मेरे श्याम खोलो और कुछ ना कहूंगा चुप ही रहूँगा, जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और अधिक गहरी हो जाए। ????????