खाटू चलेगा चलूंगी नाल तेरे वे टिकता दो लेली भजन भक्त की तीव्र लालसा और श्रद्धा को दर्शाता है। जब मन श्याम जी के चरणों में जाने को व्याकुल होता है, तो दुनिया की कोई भी बाधा उसे रोक नहीं सकती। इस भजन में भक्त की वह भावना झलकती है, जो श्याम जी के दरबार में जाने के लिए आतुर है और टिकिट मिलने की भी मिन्नत कर रही है। यह भजन श्रद्धालुओं के हृदय में बाबा के धाम जाने की तीव्र इच्छा को प्रकट करता है।
Khatu Chalega Chalungi Nal Tere We Tikata Do Leli
खाटू चलेगा चलूंगी नाल तेरे,
वे टिकता दो लेली,
मैं भी चलांगी बाबे दे डेरे,
वे टिकता दो लेली।।1।।
सुनिया है बाबा मेरा,
हारे दा सहारा है,
तेरे बिना बाबा मेरा,
हुँदा ना गुजारा वे,
बाबा करो मेरे दुख दे नवेडे,
वे टिकता दो लेली,
मैं भी चलांगी बाबे दे डेरे,
वे टिकता दो लेली।।2।।
बाबा तेरे प्रेमिया च,
मेरा नाम भी जोड़ दे,
तेरे बाजो दुनिया च,
मेरा होर कौन वे,
लेके आवा निशान मैं तेरे,
वे टिकता दो लेली,
मैं भी चलांगी बाबे दे डेरे,
वे टिकता दो लेली।।3।।
तू ही मेरी जींद बाबा,
तू ही मेरी जान वे,
तेरे करके ही हुँदा,
बाबा मेरा मान वे,
मौजा लुटदा ‘कौशिक’ तेरे,
करके वे टिकता दो लेली,
मैं भी चलांगी बाबे दे डेरे,
वे टिकता दो लेली।।4।।
खाटू चलेगा चलूंगी नाल तेरे,
वे टिकता दो लेली,
मैं भी चलांगी बाबे दे डेरे,
वे टिकता दो लेली।।5।।
श्याम बाबा का दरबार हर उस भक्त के लिए खुला है, जो श्रद्धा और प्रेम से उन्हें पुकारता है। जो भी उनके दर्शन करने का संकल्प लेता है, बाबा स्वयं उसका मार्ग बना देते हैं। अगर यह भजन आपके मन में श्याम धणी के दरबार जाने की भावना को प्रबल कर गया, तो हमें भी खाटू जाना है, खाटू वाले का जन्मदिन है आया और बुलावे म्हारो सांवरो जैसे अन्य भजनों को भी करें और श्याम जी की कृपा का अनुभव करें। जय श्री श्याम! ????????✨