कान्हा मेरी सांसो पे नाम अपना लिखा लेना भजन भक्त की गहरी भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। जब कोई अपनी हर सांस, हर धड़कन को कृष्णमय बना लेना चाहता है, तब वह अपने आराध्य से यही प्रार्थना करता है कि हे कान्हा! मेरी पहचान ही तुमसे हो जाए, मेरे जीवन का हर क्षण तुम्हारे नाम में रच-बस जाए। यह भजन अध्भुत प्रेम और आत्मसमर्पण की भावना से भरपूर है।
Kanha Meri Sanso Pe Naam Apna Likha Lena
कान्हा मेरी सांसो पे,
नाम अपना लिखा लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।1।।
मेरी यही अर्जी है,
आगे तेरी मर्जी है,
रंगे जिस रंग राधा,
उस रंग में रंगा लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।2।।
मैंने तोहे पलको के,
पलने झुलाया है,
सांवरे मोहे अपने,
हाथो में झुला लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।3।।
देखि तस्वीर तेरी,
कान्हा मेरी अंखियो में,
मुझे तेरी सखियों के,
तानो से बचा लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे मुरली बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।4।।
जन्मों की ये तृष्णा,
ऐसे न मिटेगी कृष्णा,
प्रेम से निहार के मोहे,
अधरों से लगा लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।5।।
मोहे मोह माया की,
धुप ना छू पाए,
प्यारे पीताम्बरी की,
छइयाँ में छुपा लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।6।।
मन मेरे मोहन,
तुझमे रमाया है,
तेरे संग प्रीत लगी,
अब दुनिया से क्या लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।7।।
कान्हा मेरी सांसो पे,
नाम अपना लिखा लेना,
फिर जो जनम लूँ मैं,
मोहे अपना बना लेना,
कान्हा मेरी साँसों पे,
नाम अपना लिखा लेना।।8।।
जब भक्त का मन, प्राण और आत्मा श्रीकृष्ण के नाम में लीन हो जाता है, तब उसके जीवन में केवल आनंद और शांति रह जाती है। कान्हा का नाम हर सांस में समा जाए, तो जीवन सफल हो जाता है। यदि यह भजन आपके हृदय को कृष्णमय कर गया हो, तो नैन मिले जो गिरधर से हो जाता है उद्धार, मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम और राधारमण कजरारी तोरी अखियां जैसे अन्य भजनों को भी करें और कान्हा की भक्ति में डूब जाएं। जय श्री कृष्ण! ????????✨