जय राधे कृष्ण राधे, जय राधे कृष्ण राधे—यह भजन राधा और कृष्ण की भक्ति का सजीव स्वरूप है। जब भक्त राधे-कृष्ण का नाम प्रेम से जपते हैं, तो उनकी आत्मा भक्ति रस में डूब जाती है। यह भजन हमें प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की अनुभूति कराता है। श्री राधा रानी और कान्हा का नाम लेने मात्र से मन आनंदित हो उठता है, और भक्त भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगते हैं।
Jay Radhe Krishna Radhe Jay Radhe
जय राधे कृष्ण राधे,
जय राधे कृष्ण राधे।1।
कृष्ण बड़े नटखट,
भोली भाली राधे,
जय राधेकृष्ण राधे,
जय राधेकृष्ण राधे।2।
कृष्ण तो है कारे कारे,
गोरी गोरी राधे,
जय राधेकृष्ण राधे,
जय राधेकृष्ण राधे।3।
कृष्ण तो है प्यारे प्यारे,
उनसे प्यारी राधे,
जय राधेकृष्ण राधे,
जय राधेकृष्ण राधे।4।
कृष्ण को जो पाना चाहो,
रटो राधे राधे,
जय राधेकृष्ण राधे,
जय राधेकृष्ण राधे।5।
कृष्ण को बुरा न कहो,
बुरा माने राधे,
जय राधेकृष्ण राधे,
जय राधेकृष्ण राधे।6।
कृष्ण भजो या,
कृपालु भजो राधे राधे,
जय राधेकृष्ण राधे,
जय राधेकृष्ण राधे।7।
जय राधे कृष्ण राधे,
जय राधे कृष्ण राधे।8।
राधा और कृष्ण का प्रेम सृष्टि का सबसे पवित्र और दिव्य प्रेम है। जो भी श्रद्धा से ‘राधे-कृष्ण’ का नाम जपता है, उसका जीवन प्रेम और भक्ति से भर जाता है। अगर यह भजन आपको अच्छा लगा, तो मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम, वो मुरली याद आती है, और झुका के नजरें प्रणाम कर लो कि श्याम सरकार आ रहे हैं जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्री राधे-कृष्ण की भक्ति में लीन हो जाएं। राधे राधे! ????????????