गले लगाकर आंसू पोछे बाबा इन हाथों को मैं ना भूलूंगा

जब जीवन में दुःखों का साया गहराने लगता है, तब केवल श्याम बाबा का सहारा ही हमें संबल देता है। गले लगाकर आंसू पोछे बाबा, इन हाथों को मैं ना भूलूंगा भजन उस अद्भुत क्षण का वर्णन करता है जब भक्त अपनी पीड़ा लेकर बाबा के चरणों में आता है और श्याम उसे अपने प्रेम से सहलाते हैं। बाबा के करुणामय स्पर्श से सारी वेदनाएँ मिट जाती हैं, और भक्त को यह अहसास होता है कि उसका सच्चा साथी केवल श्याम ही हैं। आइए, इस भजन को पढ़ें और उस दिव्य प्रेम का अनुभव करें।

Gale Laga Ke Aansu Poche Baba In Hatho Ko Mai Na Bhulunga

गले लगाकर आंसू पोछे,
बाबा इन हाथों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा,
रो रो कर मैं हार गया था,
रो रो कर मैं हार गया था,
तब थामा इन हाथों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा।।1।।

छलकते आंसू थे,
बड़े बेकाबू थे,
बहे जाते थे,
ऐसे में तेरा दरश कराने,
वाली उन यादों को,
कैसे किसने राह दिखाई,
आज भी उन बातों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा।।2।

तेरी ही माया है,
गले जो लगाया है,
दयालु है तू,
तबसे अब तक होती आई,
उन मुलाकातों को,
खुशियों से झिलमिल करती ये,
प्यारी रातों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा।।3।

मिली जो शोहरत है,
मेरी ये दौलत है,
निभाई है तूने,
‘लहरी’ झूम के बरसाई जो,
अमृत बरसातों को,
पालनहारे पावन तेरे,
इन रिश्ते नातों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा।।4।

गले लगाकर आंसू पोछे,
बाबा इन हाथों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा,
रो रो कर मैं हार गया था,
रो रो कर मैं हार गया था,
तब थामा इन हाथों को,
मैं ना भूलूंगा मैं ना भूलूंगा।।5।

श्याम बाबा का प्रेम अटूट और अपार है। जो सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, वे उसे कभी खाली नहीं लौटाते। उनके चरणों में समर्पित होकर भक्त सच्ची शांति और स्नेह प्राप्त करता है। इसी भाव को आँखों के आँसू हर पल पुकारे, आजा हारे के सहारे, बाबा धीरे-धीरे बहे मेरी आँख से पानी, हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा, विश्वास है तो सहारा मिलेगा जैसे भजनों में भी महसूस किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा के प्रेम में और गहराई से डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????

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