दिल श्याम धणी पे डोला दीदार के लिए

जब मन प्रेम और भक्ति से भर जाता है, तो उसे बस एक ही अभिलाषा रहती है—अपने आराध्य श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन पाने की। भजन दिल श्याम धणी पे डोला दीदार के लिए इसी तीव्र भक्तिभाव को प्रकट करता है, जहाँ एक भक्त अपने प्रिय श्यामसुंदर के दर्शन के लिए व्याकुल हो उठता है। यह भजन हमें उस अलौकिक आनंद की अनुभूति कराता है, जो केवल प्रभु के दर्शन से ही प्राप्त हो सकता है। आइए, इस भजन के माध्यम से श्रीकृष्ण के चरणों में अपने मन को अर्पित करें।

Dil Shyam Dhani Pe Dola Deedar Ke Liye

दिल श्याम धणी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए,
चला खाटू वाले श्याम धनी के,
द्वार के लिए,
दिल श्याम धनी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए।।1।।

लेकर आया है बहार,
मेरे जीवन में खाटू वाला,
बन गए है बिगड़े काम सभी,
किस्मत का खुल गया ताला,
दिल करता है सांसों के संग,
जपूं मैं उसकी माला,
तन मन में उस तरह बसा है,
बाबा खाटू वाला,
अब न जगह रही ना,
इस संसार के लिए,
दिल श्याम धणी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए।।2।।

कुछ वक्त पहले बाबा का,
मैं नाम तलक ना जाना,
ना ही उसका जाप किया,
ना ही उसको माना,
लेकिन उसकी शक्ति को,
इस तरह आज पहचाना,
छोड़ के सारी दुनिया को,
मैं उसका हुआ दीवाना,
पागल-सा फिरा हूं,
उसके प्यार के लिए,
दिल श्याम धनी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए।।3।।

खाटू वाले श्याम धनी का,
बोल के जय-जयकारा,
मुन्ना बाज सिहाने वाला,
भजन लिखे है प्यारा,
श्याम शरण में जीवन बीते,
अब तो मेरा सारा,
पवन कृष्णा जीते जी,
ना श्याम का छोड़े द्वारा,
करता रहे दर्शन,
उद्धार के लिए,
दिल श्याम धनी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए।।4।।

दिल श्याम धणी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए,
चला खाटू वाले श्याम धनी के,
द्वार के लिए,
दिल श्याम धनी पे डोला,
दीदार के लिए,
दिल सांवरिया पे डोला,
दीदार के लिए।।5।।

श्रीकृष्ण के दर्शन मात्र से ही जीवन धन्य हो जाता है। जब मन शुद्ध और प्रेम से भरा हो, तो वे स्वयं अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए विवश हो जाते हैं। ऐसे ही भक्तिमय भजनों को पढ़ें और करें, जैसे सांचा तेरा नाम, तू ही बनाए बिगड़े काम , देखो रे पहली बार श्याम प्रभु जी भर कर रोये , मैं तेरे बिन कुछ भी नहीं और हो जाए तुमसे दिल की बातें , जिससे श्रीकृष्ण की भक्ति और अधिक गहरी हो जाए। ????????

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