दरबार है निराला खाटू के श्याम का

दरबार है निराला खाटू के श्याम का — यह भजन खाटू श्याम जी के दिव्य दरबार की महिमा का वर्णन करता है। बाबा का दरबार ऐसा है जहाँ भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है और दुख दर्द समाप्त हो जाते हैं। जो भी श्रद्धा और प्रेम से खाटू नगरी आता है, वह श्याम जी की अनोखी कृपा का अनुभव करता है।

Darbar Hai Nirala Khatu Ke Shyam Ka

दरबार है निराला,
खाटू के श्याम का,
जग हो रहा दीवाना,
खाटू के श्याम का।।1।।

श्री श्याम को रिझाने,
चले आ रहे दीवाने,
धरती पे स्वर्ग उतरा,
कोई माने या ना माने,
डंका तो बज रहा है,
खाटू के श्याम का,
जग हो रहा दीवाना,
खाटू के श्याम का।।2।

जयकार गूंजती है,
भक्ति को चूमती है,
ऐसी लगी लगन के,
मस्ती भी झूमती है,
गुणगान हो रहा है,
खाटू के श्याम का,
जग हो रहा दीवाना,
खाटू के श्याम का।।3।

श्रृंगार है गजब का,
ये निखार है गजब का,
धन धान्य सुख लुटावे,
दातार है गजब का,
भंडार लुट रहा है,
खाटू के श्याम का,
जग हो रहा दीवाना,
खाटू के श्याम का।।4।

नंदू जहाँ में कोई,
मेरे श्याम सा नहीं है,
दरबार में प्रभु के,
कोई कमी नहीं है,
जादू सा छा रहा है,
खाटू के श्याम का,
जग हो रहा दीवाना,
खाटू के श्याम का।।5।

दरबार है निराला,
खाटू के श्याम का,
जग हो रहा दीवाना,
खाटू के श्याम का।।6।

खाटू श्याम जी का दरबार वास्तव में निराला और चमत्कारी है। हर भक्त को वहां जाकर असीम शांति और सुख की अनुभूति होती है। अगर यह भजन आपको अच्छा लगा, तो बाबा तुम हारे के सहारे सुंदर हैं खाटू के नजारे, बैठे बैठे खाटू में ओ सांवरे और खाटू वाले श्याम धनी कब धाम बुलावेगो जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में डूब जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨

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