बनो इतने न निर्मोही दयासागर कहाते हो

बनो इतने न निर्मोही दयासागर कहाते हो भजन एक भक्त की पुकार है, जो अपने आराध्य श्रीकृष्ण से करुणा की याचना कर रहा है। जब प्रभु को ‘दयासागर’ कहा जाता है, तो वह अपने भक्तों पर अपार कृपा बरसाते हैं। यह भजन भक्त और भगवान के बीच के प्रेमपूर्ण संवाद को दर्शाता है, जिसमें भक्त कृष्ण से कहते हैं कि वे दयालु हैं, तो फिर इतनी निर्ममता क्यों? यह भजन प्रभु की कृपा को पाने की गहरी तड़प को दर्शाता है।

Bano Itane N Nirmohi Dayasagar Kahate Ho

बनो इतने न निर्मोही,
दयासागर कहाते हो,
सभी के दुःख हरते हो,
हमें फिर क्यों सताते हो,
बनों इतने ना निर्मोही,
दयासागर कहाते हो।।1।।

जो दोगे दरस निजजन को,
तुम्हारा क्या हरज होगा,
जो दोगे दरस निजजन को,
तुम्हारा क्या हरज होगा,
ना आते जो बुलाने से,
मुझे इतना रुलाते हो,
बनों इतने ना निर्मोही,
दयासागर कहाते हो।।2।

इसी चिंता में रहता हूँ,
तुम्हे मैं किस तरह पाऊं,
इसी चिंता में रहता हूँ,
तुम्हे मैं किस तरह पाऊं,
पुकारूँ किस तरह तुमको,
जिसे सुन दौड़े आते हो,
बनों इतने ना निर्मोही,
दयासागर कहाते हो।।3।

घडी वह कौन आवेगी,
करोगे ‘राम’ के मन की,
घडी वह कौन आवेगी,
करोगे ‘राम’ के मन की,
घडी वह कौन आवेगी,
करोगे राम के मन की,
मिलोगे कब जने मोहन,
मुझे तुम बहुत भाते हो,
बनों इतने ना निर्मोही,
दयासागर कहाते हो।।4।

बनो इतने न निर्मोही,
दयासागर कहाते हो,
सभी के दुःख हरते हो,
हमें फिर क्यों सताते हो,
बनों इतने ना निर्मोही,
दयासागर कहाते हो।।5।

कृष्ण कृपा के बिना जीवन अधूरा है, और यह भजन उसी प्रेम और करुणा को जगाने की प्रेरणा देता है। श्याम धनी अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते, बस उनका नाम स्मरण करने से ही कष्टों का निवारण हो जाता है। यदि यह भजन आपके मन में भक्ति की लहरें जगा गया हो, तो श्याम तुमसे ही चले जीवन का काफिला, तेरा प्रेमी बाबा तुझे बुलाए आजा सांवरिया और मेरी अर्जी सुनो श्याम सुंदर अब ना कोई बहाना चलेगा जैसे अन्य भजनों को भी करें और श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो जाएं। जय श्री कृष्ण! ????????✨

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