तेरी राम जी से क्या पहचान हनुमान जी भजन लिरिक्स

हनुमान जी केवल भगवान राम के भक्त ही नहीं, बल्कि उनके अनन्य सेवक और सबसे बड़े उपासक भी हैं। तेरी राम जी से क्या पहचान, हनुमान जी भजन इसी गूढ़ सत्य को उजागर करता है कि हनुमान जी का संपूर्ण अस्तित्व ही श्रीराम के प्रेम और भक्ति में समर्पित है। जब भी कोई भक्त पवनपुत्र का स्मरण करता है, तो वे तुरंत उसकी रक्षा के लिए उपस्थित हो जाते हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से हनुमान जी की अटूट भक्ति का गुणगान करें।

Teri Ram Ji Se Kya Pahachan Hanuman Ji

पहले नही देखा कैसे हो भरोसा,
इतना बता हनूमान
तेरी राम जी से क्या पेहचान,
तेरी राम जी से क्या पहचान।।

कौन सी घड़ी में,
कौन सी जगह पे
हुई तेरी मुलाकात,
किस कारण से मेरे प्रभु ने
रखा तुमको साथ,
नर वानर का साथ हुआ कैसे
कौन सा किया तुमने काम,
तेरी राम जी से क्या पेहचान,
तेरी राम जी से क्या पहचान।।

गढ़ लंका में आया कैसे
राक्षस है बलवान,
तुमको भेजा पास में मेरे
आये क्यों नहीं राम,
हाथ कैसे आई इनकी निशानी
ये है असम्भव काम,
तेरी राम जी से क्या पेहचान
तेरी राम जी से क्या पहचान।।

करके भरोसा देखा मैंने
और धोखा खाया,
बात ना मानी लक्ष्मण जी की
ऐसा दिन है आया,
भूल हुई मुझसे ‘बनवारी’ तबसे
बिछुड़ गए मेरे राम,
तेरी राम जी से क्या पेहचान,
तेरी राम जी से क्या पहचान।।

पहले नही देखा कैसे हो भरोसा,
इतना बता हनूमान
तेरी राम जी से क्या पेहचान,
तेरी राम जी से क्या पहचान।।

हनुमान जी की पहचान श्रीराम के बिना अधूरी है, और भक्तों के लिए वे संजीवनी के समान हैं। तेरी राम जी से क्या पहचान, हनुमान जी भजन हमें यह सिखाता है कि यदि हम भी सच्चे मन से प्रभु के प्रति समर्पित रहें, तो हमारे जीवन में भी वही शक्ति और आशीर्वाद आ सकता है। यदि इस भजन ने आपको प्रभु भक्ति में डुबो दिया, तो थारी महिमा अपरंपार, बाला आया तेरे द्वार भजन भी अवश्य पढ़ें, जिसमें बालाजी महाराज की असीम महिमा और कृपा का वर्णन किया गया है।

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