रावणा के देश गयो सिया को संदेशो लायो भजन लिरिक्स

रावणा के देश गयो एक भजन है जो श्रीराम और हनुमान जी की अनन्य भक्ति को दर्शाता है। इस भजन में, हनुमान जी ने रावण के महल में प्रवेश कर माता सीता को श्रीराम का संदेश पहुँचाया, जिससे उनकी चिंता का समाधान हुआ। यह भजन हनुमान जी के साहस, निष्ठा और प्रेम को उजागर करता है, जो उन्होंने राम और सीता के प्रति हमेशा दर्शाया।

Ravana Ke Desh Gayo Siya Ko Sandesho Layo

रावणा के देश गयो,
सिया को संदेशो लायो
कबहुँ ना किन्ही योद्धा,
बात अभिमान की
रावणा के देश गयों,
सिया को संदेशो लायो,
रावणा के देश गयो।।

राक्षको को मार डाला,
वाटिका उजार डाली
बेसहत मानी नाही,
रावण बलवान की
रावणा के देश गयों,
सिया को संदेशो लायो
रावणा के देश गयो।।

क्षण में समुन्द्र लाँघियों,
पल में पहाड़ लायो
लायो संजीवन बूटी,
लक्ष्मण प्राण की
रावणा के देश गयों,
सिया को संदेशो लायो
रावणा के देश गयो।।

सुनो भरत भैया,
दुहाई दशरथ जी की
हनुमंत ना हो तो,
कौन लातो जानकी
रावणा के देश गयों,
सिया को संदेशो लायो
रावणा के देश गयो।।

तुलसी दास,
आस रघुवर की
बलिहारी जावू मै तो ,
बली हनुमान की
रावणा के देश गयों,
सिया को संदेशो लायो
रावणा के देश गयो।।

रावणा के देश गयो,
सिया को संदेशो लायो
कबहुँ ना किन्ही योद्धा,
बात अभिमान की
रावणा के देश गयों,
सिया को संदेशो लायो,
रावणा के देश गयो।।

यह भजन केवल हनुमान जी की वीरता और उनकी भक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमें यह सिखाता है कि अगर हमारा विश्वास और भक्ति दृढ़ हो, तो हम किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। हनुमान जी ने राम के संदेश को सीता माता तक पहुँचाकर यह साबित कर दिया कि सच्चे भक्तों के लिए भगवान का आशीर्वाद हमेशा साथ होता है। यह भजन हमारे जीवन में भी प्रेरणा का स्रोत बनता है, कि हमें हर परिस्थिति में भगवान पर विश्वास रखकर उनकी राह पर चलना चाहिए।

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