जीमो जीमो सालासर हनुमान भगत ल्यायो चूरमो

राजस्थान के सालासर धाम में विराजमान संकटमोचन हनुमान जी की महिमा अनंत है। जीमो जीमो सालासर हनुमान, भगत ल्यायो चूरमो भजन में उसी दिव्य भक्ति का वर्णन किया गया है, जहाँ भक्त प्रेम और श्रद्धा के साथ बजरंगबली को चूरमा का भोग अर्पित करते हैं। यह भजन सालासर बालाजी की भक्ति में लीन भक्तों के प्रेम और समर्पण को दर्शाता है।

Jimo Jimo Salasar Hanuman Bhagat Lyayo Churamo

कईया ने भायो खोपरों,
कईया ने भायो सिरों
कईया ने भायो खोपरों,
कईया ने भायो सिरों
भायो कईया ने छप्पन पकवान,
थाने तो भायो रे चूरमो।

भांत भांत का मेवा घाल्या,
घाल्यो देसी घी
भांत भांत का मेवा घाल्या,
घाल्यो देसी घी
पड़ग्या पड़ग्या फीका सगळा मिस्ठान,
अईया को बणायो चूरमो।

थे मन की आस पुगाई जी,
थारी सवामणी करवाई जी
थे मन की आस पुगाई जी,
थारी सवामणी करवाई जी
राखो टाबरा को थे तो सदा मान,
ल्याकार चढ़ायो चूरमो।

बल बुद्धि का भंडार बालाजी,
थे हो तारणहार
बल बुद्धि का भंडार बालाजी,
थे हो तारणहार
‘सरल’ चरणा में रवे नित ध्यान,
‘लख्खा’ ने गायो चूरमो।

जीमो जीमो सालासर हनुमान,
भगत ल्यायो चूरमो।।

सालासर धाम में हनुमान जी की भक्ति करना अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है, जहाँ हर भक्त उनकी कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव करता है। जीमो जीमो सालासर हनुमान, भगत ल्यायो चूरमो भजन इसी भक्तिभाव को और गहरा कर देता है, जिससे मन श्रद्धा से भर जाता है। यदि यह भजन आपको भक्ति के रस में सराबोर कर गया, तो ज्योत जगा तेरे नाम की, बजरंग ध्यान लगाते हैं भजन भी अवश्य पढ़ें, जिसमें संकटमोचन की भक्ति से जीवन में उजाला भरने का दिव्य संदेश दिया गया है।

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