भक्तो की आई है बारात बाला को मनाओ जी भजन लिरिक्स

हनुमान जी के दरबार में जब भक्तों की बारात उमड़ती है, तो पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से गूंज उठता है। भक्तो की आई है बारात, बाला को मनाओ जी भजन भक्तों की उस अटूट आस्था को दर्शाता है, जिसमें वे प्रेमपूर्वक बालाजी महाराज का आह्वान करते हैं। जब संकीर्तन, जयकारों और श्रद्धा के दीप जलते हैं, तब बालाजी प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। आइए, इस भजन के साथ उनकी महिमा का गुणगान करें।

Bhakto Ki Aayi Hai Barat Bala Ko Manao Ji

श्लोक –
भक्तो की बारात निराली,
बैंड नही शहनाई
बालाजी को चले मनाने,
तो भजनों की झड़ी लगाई।।

भक्तो की आई है बारात,
की बाला को मनाओ जी
बाला को मनाओ जी,
बाला को मनाओ जी
भक्तो की आई हैं बारात,
की बाला को मनाओ जी।।

केसर लाना चंदन लाना,
और केसरिया बागा लाना
आज फूलों का रखो ना हिसाब,
की बाला को मनाओ जी
भक्तो की आई हैं बारात,
की बाला को मनाओ जी।।

आज तलक तो इनकी मानी,
आज करेंगे हम मनमानी
आज इनकी ना सुणो कोई बात,
की बाला को मनाओ जी
भक्तो की आई हैं बारात,
की बाला को मनाओ जी।।

माया मांगने हम नही आए,
दर्शन की इछा ले आए
आज लाए है प्रेम की सौगात,
की बाला को मनाओ जी
भक्तो की आई हैं बारात,
की बाला को मनाओ जी।।

भक्तो की आई है बारात,
की बाला को मनाओ जी
बाला को मनाओ जी,
बाला को मनाओ जी
भक्तो की आई हैं बारात,
नाचेंगे हम सारी रात,
की बाला को मनाओ जी।।

बालाजी महाराज की भक्ति में जो रंग जाता है, उसका जीवन आनंद और सुख से भर जाता है। भक्तो की आई है बारात, बाला को मनाओ जी भजन हमें यह अनुभूति कराता है कि जब भक्त सच्चे मन से प्रभु का आह्वान करते हैं, तो वे अवश्य कृपा करते हैं। यदि इस भजन ने आपके मन को भक्तिरस से सराबोर कर दिया, तो “बालाजी थे म्हारे घर आजो” भजन भी अवश्य पढ़ें, जिसमें प्रभु को अपने घर बुलाने की मार्मिक प्रार्थना व्यक्त की गई है।

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