बालाजी थे म्हारे घर आजो बालाजी भजन लिरिक्स

जब भक्त सच्चे मन से प्रभु को अपने घर आमंत्रित करते हैं, तो उनकी कृपा अवश्य बरसती है। बालाजी थे म्हारे घर आजो भजन इसी प्रेम और भक्ति की भावना को दर्शाता है। यह भजन हनुमान जी के प्रति अटूट आस्था और उनके आगमन की प्रार्थना का प्रतीक है। आइए, इस भजन के माध्यम से बालाजी महाराज को आमंत्रित करें और उनकी असीम कृपा प्राप्त करें।

Balaji The Mhare Ghar Aajo Balaji

बालाजी थे म्हारे घर आजो,
बाबा रे थे म्हारे घर आजो
थारी सेवा करूँ दिन रात,
बाबा दर्शन दे दे रे।।

बालाजी शंख नगाड़ा बाजे,
बाला रे शंख नगाड़ा बाजे
थारे ढोलक रो घमसाण,
थारे ढोलक रो घमसाण,
बाबा दर्शन दे दे रे।।

बालाजी भक्ता पर किरपा कीजो
बालाजी भक्ता पर किरपा कीजो,
थारो निशदिन ध्यान लगावा
थारो निशदिन ध्यान लगावा,
बाबा दर्शन दे दे रे।।

बालाजी थे म्हारे घर आजो,
बाबा रे थे म्हारे घर आजो
थारी सेवा करूँ दिन रात,
बाबा दर्शन दे दे रे।।

बालाजी महाराज अपने भक्तों के प्रेम को कभी ठुकराते नहीं, वे सच्चे मन से की गई हर पुकार सुनते हैं। बालाजी थे म्हारे घर आजो भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम श्रद्धा और भक्ति से उन्हें पुकारते हैं, तो वे हमारे घर में आकर कृपा बरसाते हैं। यदि यह भजन आपको भक्ति की गहराई में ले गया, तो “भक्तो की सुन लो पुकार हनुमान जी” भजन भी अवश्य पढ़ें, जिसमें पवनपुत्र के भक्तों पर होने वाले कृपा-सिंचन का सुंदर वर्णन किया गया है।

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