भोले शंकर तेरे दर्शन को लाखों कावड़ियाँ आए रे भजन लिरिक्स

भोले शंकर तेरे दर्शन को लाखों कावड़ियाँ आए रे भजन भगवान शिव के प्रति भक्तों के अटूट प्रेम और भक्ति को दर्शाता है। इस भजन में कावड़ियों की श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति की गहराई को व्यक्त किया गया है। कावड़ यात्रा, जो हर साल शिवरात्रि और सावन महीने में होती है, में लाखों भक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं।

Bhole Shankar Tere Darshan Ko Lakho Kawadiyan Aaye Re Bhajan Lyrics

भोले शंकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे,
भांग धतुरा रगड़ रगड़ के,
गंगा नीर चढ़ाए रे,
भोले शँकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे।

ऐसी मस्ती छाय रही,
इस सावन के महीने में,
के दे दे यो पल में भोला,
कमी नही है खजाने में,
धार लंगोटी हाथ में डमरू,
नंदेश्वर कहलाए रे,
भांग धतुरा रगड़ रगड़ के,
गंगा नीर चढ़ाए रे,
भोले शँकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे।।

अंग भभूती मुंड माल गले,
नाग शेष लिपटाया रे,
तपती गर्मी धुना रमता,
आगे आसन लाया रे,
सुध बुध नही रही भोले ने,
इत यो डमरू बजाए रे,
भांग धतुरा रगड़ रगड़ के,
गंगा नीर चढ़ाए रे,
भोले शँकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे।।

जटा गंगा और रजत चंद्रमा,
सोहे शीश पधारे रे,
ॐ नाम के नाद से तूने,
धरती अम्बर तारे रे,
कीड़ी ने कण हाथी ने मण,
भोला सब ने पुगाये रे,
भांग धतुरा रगड़ रगड़ के,
गंगा नीर चढ़ाए रे,
भोले शँकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे।।


भस्मासुर ने करी तपस्या,
वर दिया मुह माँगा रे,
जैसी करनी वैसी भरनी,
के अनुसार वो पाया रे,
शिव धुनें पर ‘सज्जन सिरसा’,
वाला शीश नवाए रे,
भांग धतुरा रगड़ रगड़ के,
गंगा नीर चढ़ाए रे,
भोले शँकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे।।

भोले शंकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे,
भांग धतुरा रगड़ रगड़ के,
गंगा नीर चढ़ाए रे,
भोले शँकर तेरे दर्शन को,
लाखों कावड़ियाँ आए रे।।


भोले शंकर तेरे दर्शन को लाखों कावड़ियाँ आए रे” भजन शिवजी के दरबार की महिमा और उनकी कृपा का प्रतीक है। कावड़ यात्रा का यह दृश्य, जहां लाखों श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन करने आते हैं, हमें बताता है कि भगवान शिव की भक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं। उनके अन्य भजनों जैसे भोले शंकर बम बम, भोलेनाथ की महिमा और शिव शंकर भोला को पढ़ें और भगवान शिव की आशीर्वाद से जीवन को सफल बनाएं।

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