हे जननी मैं न जीऊं बिन राम
भक्ति का सबसे ऊँचा स्वरूप वही है जहाँ भक्त और भगवान के बीच कोई दूरी न रहे। हे जननी, मैं न जीऊं बिन राम भजन एक सच्चे भक्त की भावना को दर्शाता है, जो अपने प्राणों से भी अधिक श्रीराम को चाहता है। जब मनुष्य अपने जीवन में श्रीराम के बिना कुछ भी नहीं देखता, … Read more