अंजनी को लालो, देव निरालो भजन श्री हनुमान जी की दिव्यता और उनकी अनुपम महिमा को समर्पित है। यह भजन उनके अद्वितीय स्वरूप, शक्ति और भक्तों पर उनकी असीम कृपा को दर्शाता है। माता अंजनी के लाल, पवनपुत्र हनुमान न केवल पराक्रम और बल के प्रतीक हैं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और निस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति भी हैं। यह भजन हमें उनकी भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को धन्य करने की प्रेरणा देता है।
Anjani ko Lalo Dev Niralo
अंजनी को लालो देव निरालो।
यो तो सबका बनावे बिगड्या काम,
सालासर का बालाजी।।
सालासर थारो धाम है चोखो।
मेहंदीपुर भी धाम अनोखो,
यो तो दुष्टा का खिंच लेवे प्राण।
मेहंदीपुर का बालाजी,
यो तो सबका बनावे बिगड्या काम,
सालासर का बालाजी।।
हाथ में घोटो लाल लंगोटो।
महाबली थारो काम है मोटो,
यो तो आठों पहर जपे राम।
मेहंदीपुर का बालाजी,
यो तो सबका बनावे बिगड्या काम,
सालासर का बालाजी।।
बालाजी थारो नाम है ठाडो,
संकट में बाबो आवे आडो।
थारा भक्त करे गुणगान,
मेहंदीपुर का बालाजी।
यो तो सबका बनावे बिगड्या काम,
सालासर का बालाजी।।
‘संगीता’ थाने अर्जी सुनावे,
चूरमे को बाबा भोग लगावे।
थाने लाखो लाख प्रणाम,
मेहंदीपुर का बालाजी।
यो तो सबका बनावे बिगड्या काम,
सालासर का बालाजी।।
अंजनी को लालो देव निरालो।
यो तो सबका बनावे बिगड्या काम,
सालासर का बालाजी।।
श्री हनुमान जी अपने भक्तों के हर संकट को हरने वाले देवता हैं। अंजनी को लालो, देव निरालो भजन यह दर्शाता है कि वे केवल शक्ति और वीरता के प्रतीक ही नहीं, बल्कि करुणा और भक्ति के सागर भी हैं। जो भी सच्चे मन से उन्हें स्मरण करता है, वे उसकी सभी परेशानियों को दूर कर उसे आशीर्वाद देते हैं।
इस भजन के माध्यम से हम प्रभु हनुमान जी की महिमा का गुणगान करते हैं और उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे हमें साहस, शक्ति और सच्ची भक्ति का मार्ग दिखाएं। उनकी कृपा से हमारे जीवन का हर संकट दूर हो और हम सदैव उनकी भक्ति में लीन रहें। जय श्री हनुमान!