Recently, I got scammed by this scam casino. At first, everything looked legitimate but once I deposited a larger amount and tried to withdraw my winnings i got scammed.

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने भजन लिरिक्स

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान शिव के डमरू के अद्वितीय और शक्तिशाली प्रभाव को व्यक्त करता है। भगवान शिव के डमरू की आवाज़ से ब्रह्मांड की सृष्टि और संहार की प्रक्रिया शुरू होती है, और यह एक प्रतीक है जीवन के अनवरत परिवर्तन और संतुलन का। इस भजन में हम भगवान शिव की महिमा, उनके शक्तिशाली रूप और उनके द्वारा बजाए गए डमरू की ऊर्जा को महसूस करेंगे।

Aisa Damaru Bajaya Bholenath Ne Bhajan Lyrics

दोहा-
मैं हिमाचल की बेटी,
मेरा भोला बसे काशी,
सारी उमर तेरी सेवा करुँगी,
बनकर तेरी दासी।

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए,
कान्हा जी आए संग राधा भी आए,
डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए,
कान्हा जी आए संग राधा भी आए,
वहाँ सखियों का मन भी मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

डमरू को सुनकर जी गणपति चले,
गणपति चले संग कार्तिक चले,
डमरू को सुनकर जी गणपति चले,
गणपति चले संग कार्तिक चले,
वहाँ अम्बे का मन भी मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

डमरू को सुनकर जी रामा जी आए,
रामा जी आए संग लक्ष्मण जी आए,
मैया सिता का मन भी मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

डमरू को सुनकर के ब्रम्हा चले,
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले,
डमरू को सुनकर के ब्रम्हा चले,
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले,
मैया लक्ष्मी का मन भी मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

डमरू को सुनकर जी गंगा चले,
गंगा चले वहाँ यमुना चले,
डमरू को सुनकर जी गंगा चले,
गंगा चले वहाँ यमुना चले,
वहाँ सरयू का मन भी मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

डमरू को सुनकर जी सूरज चले,
सूरज चले वहाँ चंदा चले,
डमरू को सुनकर जी सूरज चले,
सूरज चले वहाँ चंदा चले,
सारे तारों का मन भी मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया,
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने,
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया।।

“ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने” भजन हमें यह सिखाता है कि भगवान शिव के डमरू की ध्वनि से ब्रह्मांड की सृष्टि और विनाश का चक्र चलता है, और उनकी शक्ति के माध्यम से हम जीवन के हर संकट का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान शिव की कृपा से अपने जीवन में संतुलन और शांति पा सकता है। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी शिव भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।


Leave a comment