आज हम जो भजन आप सभी श्रद्धालुजनों के साथ साझा कर रहे हैं, वह है “गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है”। यह भजन मेरे हृदय के बहुत करीब है, क्योंकि इसमें गुरुदेव जी के उस अपार विश्वास की अनुभूति होती है जो हर परिवार को संभालता है, बचाता है और दिशा देता है। जब मैंने इसे पहली बार पढ़ा, तो मानो मेरे जीवन की चिंता, डर और असमर्थता गुरूजी के चरणों में समर्पित हो गई। आप भी इस भजन को पढ़ें और अनुभव करें कि कैसे गुरूजी का भरोसा जीवन में स्थिरता और शक्ति देता है।
Guruji Tere Bharose Mera Parivar Hai Bhajan Lyrics
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है,
तू ही मेरी नाव का माझी,
तू ही मेरी नाव का माझी,
तू ही पतवार है,
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है।।
हो अगर अच्छा माझी,
नाव फिर पार होती,
किसी की बीच भवर में,
फिर न दरकार होती,
अब तो तेरे हवाले,
मेरा घर-बार है,
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है।।
मैंने अब छोड़ी चिंता,
तेरा जो साथ पाया,
तुझको जब भी पुकारा,
अपने ही पास पाया,
पूरा परिवार ये मेरा,
तेरा कर्जदार है,
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है।।
मुझको अपनों से बढ़कर,
सहारा तूने दिया है,
जिंदगी भर जीने का,
गुजारा तूने दिया है,
मुझ पर तो गुरुवर,
तेरा बड़ा उपकार है,
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है।।
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है,
तू ही मेरी नाव का माझी,
तू ही मेरी नाव का माझी,
तू ही पतवार है,
गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है।।
“गुरूजी तेरे भरोसे मेरा परिवार है” जैसे भजन हमें यह स्मरण कराते हैं कि जब हमारा संसार डगमगाता है, तब गुरुदेव जी की कृपा ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। ऐसे दिव्य भावों से भरे भजन को हर भक्त को नित्य पढ़ना और करना चाहिए। अगर आपको यह भजन अच्छा लगा, तो आप गुरु देव जी की महिमा अपरंपार है, गुरु चरणों में जीवन सफल है, गुरु बिना जीवन अधूरा है और गुरु की कृपा से सब कुछ संभव है जैसे अन्य भजनों को भी अवश्य पढ़ें। यह सभी भजन आपके श्रद्धा पथ को और भी प्रकाशमान करेंगे।

मैं हेमानंद शास्त्री, एक साधारण भक्त और सनातन धर्म का सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता के रहस्यों को सरल भाषा में भक्तों तक पहुँचाना है। शनि देव, बालाजी, हनुमान जी, शिव जी, श्री कृष्ण और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का वर्णन करना मेरे लिए केवल लेखन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का सार भक्तों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। जय सनातन धर्म