Jinaki Lagi Re Lagan Bhagwan Me Uska Diya Re Jalega Tufan Me
जिसकी लागी रे लगन भगवान में,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।।
तन का दीपक मन की बाती,
हरी भजन का तेल रे,
काहे को तू घबराता है…
ये तो प्रभु का खेल रे,
जिसकी लागी रे लगन भगवान मे,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।।
काहे को तू भूल के बैठा,
भज ले श्री भगवान को,
मन में अपने प्रभु बसा ले…
पहुंच जाएगा धाम रे,
जिसकी लागी रे लगन भगवान मे,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।।
इस दुनिया में कौन बनाए,
सबके बिगड़े काम रे,
अनहोनी को होनी कर दे…
उसका नाम है राम रे,
जिसकी लागी रे लगन भगवान मे,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।।
राम नाम सुख दुःख का साथी,
भज ले सुबह शाम रे,
सबकी नैया पार लगाए…
मेरे प्रभु का नाम रे,
जिसकी लागी रे लगन भगवान मे,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।।
जिसकी लागी रे लगन भगवान में,
उसका दिया रे जलेगा तूफान में।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile