बटुक भैरव मंदिर दिल्ली: बच्चों के रक्षक देवता का पावन धाम

बटुक भैरव मंदिर दिल्ली एक प्राचीन और अत्यंत श्रद्धा से पूजित तीर्थ स्थल है, जो भगवान शिव के बाल रूप बटुक भैरव को समर्पित है। यहां भैरव देवता की पूजा विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा, भय नाश, और रोग मुक्ति के लिए की जाती है। यह मंदिर न सिर्फ भक्तों की आस्था का केंद्र है, बल्कि एक जीवंत शक्ति पीठ के रूप में भी जाना जाता है। Batuk Bhairav Mandir Delhi के इतिहास, विशेषता और उसके मार्ग को हमने विस्तार से बताया है-

बटुक भैरव मंदिर दिल्ली
बटुक भैरव मंदिर दिल्ली

Batuk Bhairav Mandir Delhi की पौराणिक मान्यता

बटुक भैरव को भगवान शिव के क्रोधित लेकिन बाल रूप का अवतार माना जाता है। मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों के बच्चे सदैव सुरक्षित रहते हैं, और बुरी शक्तियाँ उनके पास नहीं आतीं। स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था है कि यदि कोई बच्चा लगातार बीमार हो, डरता हो या नींद में चौंकता हो तो बटुक भैरव की पूजा से उसे तुरंत लाभ मिलता है।

पूजा और अर्चना विधि

विभागविवरण
मंदिर खुलने का समय (सुबह)5:00 बजे से 12:00 बजे तक
मंदिर खुलने का समय (शाम)4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
प्रातः काल आरतीसुबह 7:00 बजे
सायं आरतीशाम 7:30 बजे
पूजा विधि – चरण 1मंदिर में प्रवेश से पूर्व हाथ-पैर धोकर दीपक जलाएं।
पूजा विधि – चरण 2काले तिल, सरसों का तेल, और लड्डू का भोग लगाएं।
पूजा विधि – चरण 3भैरव चालीसा या बटुक भैरव स्तोत्र का पाठ करें।
पूजा विधि – चरण 4बच्चों की तस्वीर साथ लाएं, उस पर रक्षा तिलक करें।

मंदिर का वातावरण और विशेषता

  • Batuk Bhairav Mandir Delhi का वातावरण शांत, दिव्य और ऊर्जा से भरपूर है।
  • भैरव बाबा की बाल मूर्ति सजीव प्रतीत होती है और दर्शन करते ही भय दूर हो जाता है।
  • हर रविवार और भैरवाष्टमी पर विशेष भीड़ उमड़ती है।
  • मंदिर में नारियल, काले तिल, तेल का दीप और लड्डू चढ़ाना शुभ माना जाता है।

यात्रा मार्गदर्शिका

अगर आपने बटुक भैरव मंदिर दिल्ली के दिव्य अनुभव लिए हैं, तो दिल्ली के बाहर स्थित प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर, उज्जैन, काल भैरव मंदिर, वाराणसी और नाकोड़ा भैरव मंदिर, राजस्थान के चमत्कार भी जरूर जानें। हर मंदिर में भैरव देवता की अलग महिमा है जो भक्तों को नई ऊर्जा प्रदान करती है।

FAQ

बटुक भैरव मंदिर में किस कारण पूजा की जाती है?

क्या बटुक भैरव मंदिर में बच्चों को लेकर जाना शुभ होता है?

हाँ, यहाँ बच्चों के लिए विशेष रक्षा आशीर्वाद की परंपरा है।

मंदिर में कौन सा दिन सबसे भीड़ वाला होता है?

क्या मंदिर में ऑनलाइन पूजा या प्रसाद की सुविधा है?

Leave a comment