मुझे तू ही संभालेगा श्याम भजन

मुझे तू ही संभालेगा —यह भजन श्याम बाबा के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण को प्रकट करता है। जब जीवन में संकट आता है, जब चारों ओर अंधकार छा जाता है, तब भक्त को बस अपने सांवरे का ही सहारा नजर आता है। यह भजन हमें श्याम बाबा की कृपा पर भरोसा रखने की प्रेरणा देता है, क्योंकि वह अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते।

Mujhe Tu Hi Sambhalega

सँभालेगा सँभालेगा,
मुझे तू ही संभालेगा,
तू हारे का सहारा है,
मेरी विपदा भी टालेगा।।1।।

घिरा तूफ़ान में हूँ मैं,
मगर पूरा भरोसा है,
मेरी पतवार थामेगा,
समन्दर जब उछालेगा,
सँभालेगा सँभालेगा,
मुझे तू ही सँभालेगा।।2।।

मेरी गुस्ताख़ियों की तू,
पिता बनकर सज़ा देगा,
ज़रा सी चोट देकर तू,
कलेजे से लगा लेगा,
सँभालेगा सँभालेगा,
मुझे तू ही सँभालेगा।।3।।

वही ‘साहिल’ हूँ मैं जिसको,
तेरी बेहद ज़रूरत है,
ग़लत-फ़हमी है ये सबकी,
अकेला ही निभा लेगा,
सँभालेगा सँभालेगा,
मुझे तू ही सँभालेगा।।4।।

सँभालेगा सँभालेगा,
मुझे तू ही संभालेगा,
तू हारे का सहारा है,
मेरी विपदा भी टालेगा।।5।।

श्याम बाबा हमेशा अपने भक्तों का सहारा बनते हैं और हर मुश्किल घड़ी में संभाल लेते हैं। जो श्रद्धा से उनका नाम जपता है, उसे वे कभी अकेला नहीं छोड़ते। यदि यह भजन आपको अच्छा लगा, तो मुझे नाथ अब सम्भालो , तेरे होते मेरी हार बाबा कैसे होगी , और तू टेंशन मत ले यार सांवरिया देख रहा जैसे भजनों को भी अवश्य करें और श्याम प्रेम में लीन हो जाएं। जय श्री श्याम! ????????✨

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