तुम उठो सिया सिंगार करो शिव धनुष राम ने तोड़ा है लिरिक्स

तुम उठो सिया सिंगार करो शिव धनुष राम ने तोड़ा है यह भजन श्रीराम के अद्वितीय साहस और शक्ति को समर्पित है, जिसमें प्रभु राम ने शिव के धनुष को तोड़कर अपने शौर्य का परिचय दिया। यह भजन माता सीता को उनके श्रृंगार की ओर प्रेरित करता है, जबकि राम के वीरता और संघर्षों की गाथा भी सुनाता है। इसे गाकर हम अपनी आस्था को और गहरा कर सकते हैं और श्रीराम की शक्ति को अपने जीवन में महसूस कर सकते हैं।

Tum Utho Singar Karo Shiv Dhanush Ram Ne Toda Hai

तुम उठो सिया सिंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है,
सीता से नाता जोड़ा है,
तुम उठो सिया सिंगार करों,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।1।

शीश सिया के चुनर सोहे,
टिके की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये,
रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करों,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।2।

हाथ सिया के चूड़ी सोहे,
कंगन की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये,
रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करों,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।3।

कमर सिया के तगड़ी सोहे,
झुमके की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये,
रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करों,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।4।

पैर सिया के पायल सोहे,
बिछिया की छवि न्यारी है,
न्यारी न्यारी क्या कहिये,
रघुवर को जानकी प्यारी है,
तुम उठो सिया सिंगार करों,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।5।

तुम उठो सिया सिंगार करो,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है,
सीता से नाता जोड़ा है,
तुम उठो सिया सिंगार करों,
शिव धनुष राम ने तोड़ा है।6।

तुम उठो सिया सिंगार करो शिव धनुष राम ने तोड़ा है भजन न केवल भगवान श्रीराम की वीरता को उजागर करता है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि हम भी प्रभु के आशीर्वाद से किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं। अन्य राम भजनों जैसे राम लला जन्मे है थाल बजाओ रे और राम जी के भक्तो ने भगवा फहराया है में भी भगवान की शक्ति और भक्ति का अद्भुत वर्णन किया गया है। इन भजनों को गाकर हम अपने जीवन को प्रभु के प्रति समर्पित कर सकते हैं और उनकी असीम शक्ति का अनुभव कर सकते हैं। जय श्रीराम! ????

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