वो कौन है जो भक्तों के बनाते काम है भजन हनुमान जी की कृपा और उनकी अपार शक्ति का सुंदर वर्णन करता है। यह भजन दर्शाता है कि जब भक्त किसी कठिनाई में होता है, तो कौन है जो उसे संकटों से बाहर निकालता है? जब जीवन में कोई मार्ग नहीं दिखता, तो कौन है जो उसका सहारा बनता है? उत्तर एक ही है—श्री हनुमान जी। उनकी कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है, और जो भी श्रद्धा व भक्ति से उन्हें पुकारता है, उसका हर कार्य सहज रूप से पूर्ण हो जाता है।
Vo Kaun Hai Jo bhakton ke banate kam Hain
वो कौन है जो।
भक्तों के बनाते काम है,
श्री राम के सेवक।
वीर बलि हनुमान है,
जिनके चरणों में।
झुकता ये संसार है,
हनुमान है, हनुमान है।
वो कौन हैं जों,
भक्तों के बनाते काम है।
श्री राम के सेवक,
वीर बलि हनुमान है।।
है माँ अंजनी के लाले।
श्री राम के सेवक प्यारे,
सूरज को निगलने वाले।
है पवनपुत्र मतवाले,
जिनकी शक्ति का।
ना कोई अनुमान है,
हनुमान है, हनुमान है।
वो कौन हैं जों,
भक्तों के बनाते काम है।
श्री राम के सेवक,
वीर बलि हनुमान है।।
सिता का पता लगाया,
श्री राम दूत कहलाया।
लंका नगरी को जला के,
रावण का मान गिराया।
श्री राम भी करते,
है जिन पर अभिमान है।
हनुमान है, हनुमान है,
वो कौन हैं जों।
भक्तों के बनाते काम है,
श्री राम के सेवक,
वीर बलि हनुमान है।।
लक्ष्मण को शक्ति लागी,
तब राम प्रभु घबराए।
संजीवन ला हनुमत ने,
लक्ष्मण के प्राण बचाए।
सारी श्रष्टि में जिनकी,
जय जयकार है।
हनुमान है, हनुमान है,
वो कौन हैं जों।
भक्तों के बनाते काम है,
श्री राम के सेवक।
वीर बलि हनुमान है।।
विभिषण ताना मारे,
हनुमत से सहा ना जाए।
तब चीर के अपना सीना,
श्री राम के दरश कराए।
श्री राम के चरणों में,
जिनका स्थान है।
हनुमान है, हनुमान है,
वो कौन हैं जों।
भक्तों के बनाते काम है,
श्री राम के सेवक,
वीर बलि हनुमान है।।
वो कौन है जो,
भक्तों के बनाते काम है।
श्री राम के सेवक,
वीर बलि हनुमान है।
जिनके चरणों में,
झुकता ये संसार है,
हनुमान है, हनुमान है।
वो कौन हैं जों,
भक्तों के बनाते काम है।
श्री राम के सेवक,
वीर बलि हनुमान है।।
हनुमान जी केवल भक्तों की बाधाएँ दूर करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे प्रेम, निष्ठा और समर्पण का प्रतीक भी हैं। यह भजन हमें यह सिखाता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएं, अगर हम सच्चे मन से हनुमान जी को पुकारते हैं, तो वे हमारी हर समस्या का हल निकाल देते हैं। वे अपने भक्तों की चिंता को स्वयं अपने ऊपर ले लेते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करते हैं।