Tera Dar To Hakikat Me Dukhiyo Ka Sahara Hai Bhajan Lyrics
तेरा दर तो हकीकत में,
दुखियों का सहारा है,
सच कहता हूँ माँ मेरी,
तेरे दर से गुजारा है।।
बिगड़ी हुई तकदीरें,
बन जाती है एक पल में,
जिस वक़्त मुसीबत में,
भक्तों ने पुकारा है,
तेरा दर तो हकीकत मे,
दुखियों का सहारा है,
सच कहता हूँ माँ मेरी,
तेरे दर से गुजारा है।।
तेरे दर को छोड़ मैया,
जाएं तो कहाँ जाएं,
सच कहता हूँ दर तेरा,
जन्नत का नज़ारा है,
तेरा दर तो हकीकत मे,
दुखियों का सहारा है,
सच कहता हूँ माँ मेरी,
तेरे दर से गुजारा है।।
दौड़े चले आते हैं,
दुःख दर्द के मारे यहाँ,
सुख चैन वही पाते हैं,
जिन्हें तेरा इशारा है,
तेरा दर तो हकीकत मे,
दुखियों का सहारा है,
सच कहता हूँ माँ मेरी,
तेरे दर से गुजारा है।।
मुझ को इस दुनियां में,
सब पागल कहते हैं,
मेरा मुझमे तो कुछ भी नहीं,
ये सब कुछ तुम्हारा है,
तेरा दर तो हकीकत मे,
दुखियों का सहारा है,
सच कहता हूँ माँ मेरी,
तेरे दर से गुजारा है।।
तेरा दर तो हकीकत में,
दुखियों का सहारा है,
सच कहता हूँ माँ मेरी,
तेरे दर से गुजारा है।।