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श्यामा हृदय कमल सो प्रकट्यो वृन्दावन प्यारो वृन्दावन

श्यामा हृदय कमल सो प्रकट्यो, वृन्दावन प्यारो वृन्दावन —यह भजन वृन्दावन की दिव्यता और श्रीकृष्ण की अलौकिक लीलाओं का सुंदर वर्णन करता है। वृन्दावन, जहाँ कृष्ण ने अपनी मोहक बाल लीलाएँ रचीं, गोपियों संग रास रचाया और प्रेम का अद्भुत संचार किया, हर भक्त के हृदय में बसता है। इस भजन में वृन्दावन की भक्ति-मय छटा और कृष्ण प्रेम की अमृतधारा का अनुभव होता है, जिससे मन अपने आप कृष्ण भक्ति में रम जाता है।

Shyama Hriday Kamal So Praktyo Vrindawan Pyaro Vrindawan Lyrics

श्यामा हृदय कमल सो प्रकट्यो,
और श्याम हृदय कू भाए,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।1।।

सब सुख सागर रूप उजागर,
रहे वृंदावन धाम,
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहाँ,
गोविंद रूप निधान,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।2।।

बिहरत निसदिन कुंज गलीन में,
ब्रज जन मन सुखधाम,
मदन मोहन को रुप निरख के,
सनातन बली बली जाए,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।3।।

गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे,
प्यारो गोपीनाथ,
मधुसूदन जिन कंठ लगायो,
जहाँ है रही जय जयकार,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।4।।

गोपाल भट्ट की हृदय वेदना,
प्रगट्यौ शालिग्राम,
रुप सुधा को खान हमारो,
श्री राधारमण जु लाल,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।5।।

आतुर है हरिवंश पुकारो,
श्री राधा राधा नाम,
सघन कुंज यमुना तट आयो,
श्री राधावल्लभ लाल,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।6।।

युगल किशोर कु लाड लडायो,
नवल कुंज हिय माए,
कुंज निकुंजन की रज धारे,
व्यास युगल यश गाए,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।7।।

भुवन चतुर्दश की सुंदरता,
निधिवन करत विहार,
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी,
और जय जय श्री हरिदास,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।8।।

जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ,
वृन्दावन अभिराम,
सप्तनिधीन को हिय उजियारो,
हम सब को है प्राण पियारो,
हमारो गिरधर लाल,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।9।।

श्यामा हृदय कमल सो प्रकट्यो,
और श्याम हृदय कू भाए,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन मेरो वृन्दावन।।10।।

वृन्दावन सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और कृष्ण की लीला भूमि का प्रतीक है। जो भी सच्चे मन से वृन्दावन के रस में डूब जाता है, वह श्रीकृष्ण की कृपा का पात्र बन जाता है। अगर यह भजन आपको पसंद आया, तो मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम , वो मुरली याद आती है , और राधे राधे बोल, श्री वृन्दावन धाम मिलेगा जैसे भजनों को भी अवश्य करें और कृष्ण भक्ति में मग्न हो जाएं। जय श्री कृष्ण! ????????????

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